चंडीगढ़। विदेशों में रहने वाले पंजाब के एनआरआई कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनके समाधान के लिए अप्रवासी भारतीयों ने पंजाब सरकार से 100 दिन में छह मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है। एनआरआई मामलों के मंत्री परगट सिंह को उन्होंने मिलकर अपना मांग पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने केरल की तर्ज पर पंजाब में भी इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एनआरआई इन्वेस्टमेंट बांड की व्यवस्था करने की मांग की है।
ऑस्ट्रेलिया के एनआरआई समन्वयक और उच्चाधिकार निवेश समिति के सदस्य करण रंधावा और इसके अलावा पंजाब के एनआरआई प्रतिनिधिमंडल ने एनआरआई मामलों के मंत्री परगट सिंह से चंडीगढ़ सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एनआरआई मामलों के विभाग को अगले 100 दिन में लागू करने के लिए छह सूत्रीय मांगों का एक रोडमैप सौंपा। रंधावा ने बताया कि ये मांगें दुनिया भर के एनआरआई से सलाह और प्रतिक्रिया के बाद तैयार की हैं।
रंधावा ने बताया कि एनआरआई के विवादों को सुलझाने के लिए टाइम बाउंड फास्ट ट्रैक कोर्ट की पंजाब सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही निवेश के लिए एनआरआई विभाग द्वारा एक हेल्प डेस्क बनानी चाहिए। एनआरआई मामलों के विभाग को ही निवेश करने की स्वीकृति मिलनी चाहिए, इस व्यवस्था को सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था के साथ शुरू किया जाए। रंधावा ने बताया कि पंजाब सरकार भी केरल की तर्ज पर इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एनआरआई इन्वेस्टमेंट बांड की व्यवस्था करे। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में एनआरआई की सहभागिता की व्यवस्था सरकार द्वारा करनी चाहिए। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दूसरे देशों के साथ सिस्टर स्टेट संबंध विकसित करने की भी शुरुआत सरकार को करनी चाहिए।
रंधावा ने बताया कि सरकार के एनआरआई मामलों के मंत्री परगट सिंह ने उनकी मांगों को लेकर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।