संवाद न्यूज एजेंसी
तलवाड़ा। पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति व सीपीएफ कर्मचारी यूनियन संयुक्त रूप से दो नवंबर को तरनतारन में झंडा मार्च निकालेंगे। उपचुनाव के दौरान मतदाताओं के सामने आप सरकार का कर्मचारी और जनविरोधी चेहरा उजागर किया जा सके।
प्रदेश संयोजक जसवीर तलवाड़ा, प्रदेश वित्त सचिव वरिंदर विक्की और प्रदेश आईटी सेल प्रभारी सत प्रकाश ने कहा कि आप सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब के दो लाख कर्मचारियों को लिखित गारंटी दी थी कि पंजाब में आप सरकार बनते ही पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाएगी। पंजाब सरकार द्वारा दिवाली से पहले 18 नवंबर, 2022 को पुरानी पेंशन बहाली की अधिसूचना लागू नहीं हो पाई। जबकि हिमाचल के सीएम ने सत्तासीन होने के मात्र छह महीने के भीतर पुरानी पेंशन बहाल करके अपने चुनावी वादे को ईमानदारी से पूरा कर दिया गया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नै की घोषणा के चार साल गुजरने के बाद भी पंजाब के दो लाख कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल नहीं की है और कर्मचारियों को एनपीएस के तहत नाममात्र की पेंशन दी जा रही है। जिला संयोजक संजीव धूत, जिला सह संयोजक प्रिंस कुमार गढ़दीवाला, जिला सचिव तिलक राज ने कहा कि देश के 70 लाख एनपीएस प्रभावित कर्मचारी केंद्र व राज्य सरकारों की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ 25 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन करेंगे और केंद्र और राज्य सरकारों को स्पष्ट संदेश देंगे कि हम एनपीएस में कोई संशोधन या यूपीएस नहीं चाहते।