पंजाब में किसी भी तरह की पुलिस वेरिफिकेशन या पुलिस क्लीयरेंस के नाम पर अब लोगों को दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं अगर कोई पुलिस मुलाजिम वेरिफिकेशन के लिए पैसे मांगता है तो विभाग द्वारा इस संबंधी तुरंत सुनवाई की जाएगी। लोगों की शिकायत पहल के आधार पर सुनने व रिश्वतखोर पुलिस मुलाजिम पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने एक व्हाट्सएप नंबर तय किया है। इस पर आने वाली शिकायतों को पहल के आधार पर निपटाया जाएगा। एडीजीपी कम्युनिटी अफेयर डिवीजन ने इस संबंधी आदेश पूरे राज्य में जारी किए हैं।
सूबे के 23 जिलों में पुलिस वेरिफिकेशन से लेकर अन्य कामों के लिए लोगों को थानों में जाना पड़ता है। विभाग द्वारा आवेदन संबंधी प्रक्रिया ऑनलाइन भी चलाई जा रही है, लेकिन कई एरिया में विभाग को शिकायतें मिलती रही हैं कि ऑनलाइन आवेदन वेरिफिकेशन तय समय से नहीं होती है। इसके अलावा कुछ एरिया में वेरिफिकेशन करने वाला स्टाफ लोगों की सुनवाई नहीं करता है। कुछ जगह पैसे आदि की मांग भी की जाती रही है। इस तरह के मामले सामने आने पर इस चीज पर अधिकारियों ने मंथन किया। इसके बाद वेरिफिकेशन से जुड़े काम में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया है।
लोगों को व्हाट्सएप शिकायत भेजने के लिए 917696181181 नंबर रहेगा। ईमेल के लिए cad.pphq@punjabpolice.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है । यह नंबर विजिलेंस ब्यूरो के नंबर से अलग रहेगा। इस नंबर पर आने वाली शिकायतों के लिए नोडल अफसर बैठाए गए हैं जो तुरंत इस दिशा में कार्रवाई करेंगे। विभाग की तरफ से यह आदेश सभी जिलों में भेज दिए गए है।
सांझ केंद्रों से मिलती हैं वेरिफिकेशन सेवाएं
पंजाब पुलिस सांझ केंद्रों के माध्यम से विभिन्न कामों की परमिशन और एनओसी से लेकर वेरिफिकेशन की सेवाएं देती है। इसमें पासपोर्ट वेरिफिकेशन, चरित्र वेरिफिकेशन, स्ट्रेंजर वेरिफिकेशन जैसी तमाम सेवाएं हैं। इनका लाभ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उठाया जा सकता है। इसके अलावा आजकल किराएदारों की वेरिफिकेशन भी ऑनलाइन की जा रही है लेकिन कई जगह पर इस संबंधी दिक्कतें आती रहती हैं।