फर्जी दस्तावेजों पर धोखे से प्लॉट अलॉट कराने के मामले में अब हुडा ने प्लॉटों को रिज्यूम करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि भले ही प्लॉट बिक चुका हो, लेकिन हुडा अपनी संपत्ति जरूर वापस लेगा। जितने भी प्लॉट फर्जी तरीके से अलॉट कराए गए हैं, उन्हें हुडा रिज्यूम करेगा। भले ही प्लॉट अलॉट कराने वाले ने उसे किसी और को बेच दिया हो।
फर्जी तरीके से प्लाट लेने के मामले में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने आर्मी के चार एक्स सर्विसमैन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ये प्लॉट डिफेंस कोटा के तहत पंचकूला में लिए गए थे, जबकि आरोपी पहले से ही अन्य जिलों में प्लॉट धारक हैं। नियमों के मुताबिक, डिफेंस कोटे के तहत एक ही प्लॉट अलॉट हो सकता है।
इनके खिलाफ दर्ज है मामला
पुलिस ने कुरुक्षेत्र निवासी जसवंत कुमार, सेक्टर-15 पंचकूला निवासी अजय वीर सिंह, रोहतक निवासी दिलबाग सिंह और पानीपत सेक्टर-12 निवासी धर्मबीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनके खिलाफ सेक्टर-5 थाने में आईपीसी धारा 420(धोखाधड़ी), 467 (अमूल्य अमानत में जालसाजी), 468 (धोखा देने के लिए जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज को असली के तौर पर इस्तेमाल करना), 474 (किसी दस्तावेज या रिकॉर्ड पर अधिकार होना और उसे जालसाजी के लिए इस्तेमाल करना) व 120बी (साजिश रचना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
खरीददारों का होगा नुकसान
हुडा के नियमों के मुताबिक, अगर कोई प्रापर्टी अवैध तरीके से ली गई है और फिर उसे आगे बेच दिया जाए, तो वह वैध नहीं है। हुडा के जितने भी प्लॉट धोखे से अलॉट कराए गए हैं, वे सभी अवैध हैं। अगर अलाटियों ने ये प्लॉट किसी और को बेच दिए हैं तो उन्हें प्लॉट वापस करना होगा। ऐसे में उन खरीददारों को ही नुकसान होगा, जिन्होंने पूर्व सैनिकों से ये अवैध प्लॉट खरीदे हैं।
खरीददार भी दर्ज करा सकते हैं केस
जानकार बताते हैं कि पूर्व सैनिकों पर हुडा ने तो मामला दर्ज करा दिया है। पूर्व सैनिकों से प्लॉट खरीदने वाले भी अगर चाहें तो धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल, हुडा इस जांच में लगा है कि पूर्व सैनिकों ने अलॉट कराए प्लॉटों को अगर बेचा है, तो उसके खरीददार कौन और कहां हैं?