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हाथरस प्रकरणः जांच सीबीआई को सौंपने के तीन दिन बाद भी नहीं जारी हुआ नोटिफिकेशन

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चंडीगढ़। हाथरस प्रकरण में स्थानीय सरकार झूठ बोल रही है। इसका प्रमाण यह है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के तीन दिन बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी भी पीड़िता के परिजनों को घर में नजरबंद किया हुआ है। हाथरस पहुंचकर पीड़िता के परिजनों से मुलाकात के बाद चंडीगढ़ पहुंचे नेता प्रतिपक्ष और आप नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में आप विधायक प्रिंसीपल बुद्धराम, मनजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत सिंह पंडोरी, मास्टर बलदेव सिंह भी उपस्थित थे। वार्ता के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हाथरस कांड के दोषियों को वहां की स्थानीय सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। गांव में बैठकों का दौर चल रहा है, गांव के दबंग एससी परिवारों को सरेआम धमकियां दे रहे हैं। सरकार के मुखिया कह रहे हैं कि मासूम के साथ बलात्कार हुआ ही नहीं, जबकि अलीगढ़ अस्पताल की रिपोर्ट में स्पष्ट है कि मासूम बच्ची के साथ बहुत बेरहमी के साथ गैंगरेप किया गया है। वहीं मासूम को इंसाफ दिलाने के लिए आगे आए 14 लोगों पर योगी ने मामले दर्ज करवा दिए, जो कि बहुत ही निंदनीय है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्होंने हाथरस कांड का मामला सीबीआई को सौंप दिया है, परंतु तीन दिन बीत गए, अभी तक मामला सौंपने का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। आप विधायकों ने हाथरस कांड की सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से इस केस की निगरानी करवाने की मांग करते कहा कि केस का ट्रायल उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर करके तीन माह में पूरा किया जाए।
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