अंडर-19 एशिया कप में मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड हासिल करने के बाद अपने घर लौटे क्रिकेटर अर्जुन आजाद। इ?
- फोटो : PKL OFFICE
सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता है। कठिन परिश्रम से ही श्रीलंका में होने वाले अंडर-19 एशिया कप जीतने में हमारी टीम सफल हुई है। अमर उजाला से बात करते हुए एशिया कप में मैन ऑफ द सीरीज खिताब से नवाजे गए क्रिकेटर अर्जुन आजाद ने यह बात कही। इस मौके पर उनकी मां मीनू आजाद ने उनका मुंह मीठा करवाया। इस मौके पर उनके पिता संजीव आजाद, कोच हरमिंदर सिंह पन्नू, आरपी सिंह और उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। एशिया कप में अर्जुन आजाद के बेहतरीन प्रदर्शन करने पर सभी के चेहरे खिले रहे।
क्रिकेटर अर्जुन आजाद ने बताया कि श्रीलंका की पिच में अधिक स्कोर नहीं बनता है। वहां पर 300 का स्कोर जीत के लिए बहुत है। श्रीलंका के क्रिकेट स्टेडियम की पिच बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के लिए मददगार है। उन्होंने बताया कि श्रीलंका में 60 दिन टूर्नामेंट के दौरान रहे। उन्हें वहां का माहौल बहुत अच्छा लगा। स्टेडियम के साथ श्रीलंका का शहर भी साफ-सुथरा है। एशिया कप के मुकाबले के दौरान अच्छी बल्लेबाजी की। यह मेरे लिए बहुत ही अच्छा रहा। इस दौरे को मैं कभी अपने जीवन में नहीं भूल पाऊंगा। टूर्नामेंट जीत के आने पर पिता संजीव आजाद और मां मीनू आजाद ने खुशी जाहिर की। अर्जुन आजाद ने बताया कि अंडर-19 वर्ल्ड कप क्रिकेट में खेलना उनका सपना है। उसके चयन के लिए वह जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
फिटनेस ही क्रिकेट करिअर को लंबा कर सकती है
अंडर-19 एशिया कप विजेता अर्जुन आजाद ने बताया कि क्रिकेट में फिटनेस ठीक होना सबसे अहम है। यह प्रेशर आज के हर खिलाड़ी पर है। इसके लिए मुझे मेरे कोच हरमिंदर सिंह पन्नू हमेशा प्रोत्साहित करते हैं। इसलिए क्रिकेट प्रेक्टिस के साथ अपनी फिटनेस पर अधिक ध्यान देता हूं। फिटनेस के लिए रनिंग भी करता हूं।
टीवी पर सचिन को खेलते देखा, उन्हीं की तरह बनने का निश्चय किया: मीनू आजाद
मां मीनू आजाद ने बताया कि अर्जुन टीवी पर सचिन को खेलते देखकर उन्हीं की तरह बनना चाहता था। अर्जुन के शौक को देखकर उसका एडमिशन चंडीगढ़ में गुरू नानक पब्लिक स्कूल की क्रिकेट अकादमी में कराया गया। साथ ही उसे क्रिकेटर मनन वोहरा ने भी क्रिकेट खेलने के टिप्स दिए हैं। अकादमी में वह बड़े खिलाड़ियों से प्रशिक्षण ले चुका है।
क्रिकेट में बेहतरीन स्कोप
क्रिकेटर अर्जुन आजाद के कोच हरमिंदर सिंह पन्नू ने बताया कि क्रिकेट के प्रारूप बढ़ने से अच्छे खिलाड़ियों को अधिक मौके मिल रहे हैं। इससे खिलाड़ियों का टैलेंट सामने आ रहा है। वह अच्छा खेल दिखाकर सभी जगह मौके पा सकते हैं। सबसे अधिक अहम खिलाड़ियों की फिटनेस है। इसलिए सभी खिलाड़ियों से यही कहना चाहता हूूं कि वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दें। जो खिलाड़ी फिटनेस को सही रख पाएगा वहीं लंबे समय तक क्रिकेट में अपना कैरियर बना सकता है।