संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर के सुखोमाजरी क्षेत्र में राजीव गुप्ता की हत्या कर शव जमीन में दफनाने के चर्चित मामले में आरोपी सिमरन को अदालत से राहत नहीं मिली। पंचकूला अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सिमरन सितंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
मामला अगस्त 2025 का है, जब सुखोमाजरी क्षेत्र से जमीन में दबा राजीव गुप्ता का शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि राजीव ने अप्रैल 2025 में दिव्या से शादी की थी, लेकिन उसके सिमरन के साथ भी संबंध थे। परिजनों ने सिमरन के भाई कुंदन, मामा सत्यानारायण और विनोद उर्फ बौड़ा पर पहले धमकी देने के आरोप लगाए थे।
पुलिस ने जांच के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 14 सितंबर 2025 को सिमरन को भी गिरफ्तार किया गया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सिमरन को 21 वर्षीय छात्रा बताते हुए राहत देने की मांग की, जबकि अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और जांच के तथ्यों का हवाला देकर विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।