चंडीगढ़। पंजाब में आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन का मानदेय छह महीने से अटका है। इसी वजह से उनके समक्ष आर्थिक संकट बढ़ गया है। पंजाब में बाढ़ के कारण उनके हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। वर्कर्स और हेल्पर्स ने चेतावनी दी है कि यदि 30 सितंबर तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो 1 अक्तूबर को वे पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेंगी।
यह निर्णय ऑल आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन पंजाब की राज्य कमेटी की बैठक में लिया गया। वर्चुअल बैठक में प्रदेशाध्यक्ष बरिंदरजीत कौर छीना ने कई मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय छह माह से लंबित है। आंगनबाड़ी वर्करों और सहायकों के लिए बिना मानदेय गुजर-बसर करना बहुत मुश्किल हो रहा है। पंजाब में बाढ़ के कारण यह कठिनाई कई गुना बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर व सहायक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फ्रंटलाइन वर्करों का कर्तव्य निभा रही हैं और जिम्मेदारी से हर घर में जाकर आवश्यक कार्रवाई करने और आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने में सहयोग दे रही हैं लेकिन फिर भी पंजाब सरकार उनकी अथक मेहनत और लगन को नजरअंदाज कर रही है।
महासचिव हरप्रीत कौर सिंगपुरा, उपाध्यक्ष सतविंदर कौर और प्रेस सचिव मधु कुमारी ने कहा कि अगर सरकार और विभाग ने 30 सितंबर तक मानदेय जारी नहीं किया तो 1 अक्तूबर को पूरे पंजाब में जिला प्रोग्राम कार्यालय के सामने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।