चंडीगढ़। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने पंजाब जल स्त्रोत विभाग के अधिकारियों को सूबे में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अपने टोल प्लाजा पर छूट देने से इन्कार कर दिया है। एनएचएआई ने इस संबंध में जल स्त्रोत विभाग के पत्र के जवाब में साफ कर दिया है कि सरकारी अधिकारियों को टोल टैक्स में छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है।गौरतलब है कि गत 8 जून को जल स्त्रोत विभाग की ओर से एनएचएआई को भेजे पत्र में आग्रह किया था कि विभाग के कार्यकारी इंजीनियर, एसडीओ, जेई, पटवारी, जिला क्लेक्टर, डिप्टी क्लेक्टर अपने ड्यूटी के दौरान अकसर टोल प्लाजा से होकर गुजरते हैं। इसके अलावा उन्हें विभाग से जुड़े अदालती मामलों के लिए भी अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है, इसलिए इन अधिकारियों को टोल टैक्स में राहत दी जाए।
एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय को जल स्त्रोत विभाग के प्रमुख सचिव की तरफ से पत्र लिखा गया था। उन्होंने पत्र में लिखा था कि अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए टोल प्लाजा से गुजरना होता है और इस दौरान उन्हें टोल टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। चूंकि अधिकारी सरकारी कामकाज के लिए टोल प्लाजा से होकर गुजरते हैं, इसलिए उन्हें टोल टैक्स में छूट दी जाए।
इसके जवाब में एनएचएआई की ओर से जल स्त्रोत विभाग के प्रधान सचिव को भेजे पत्र में कहा गया है कि जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों व कर्मचारियों की श्रेणी राष्ट्रीय स्तर के अनुच्छेद-11 में दर्ज व्यक्तियों, पदाधिकारियों आदि की सूची में शामिल नहीं हैं। इस वजह से एनएचएआई पंजाब जल स्त्रोत विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकता।
एनएचएआई के उक्त जवाब के बाद अब जल स्त्रोत विभाग की तरफ से राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि सरकार ने जिस तरह विभाग के अधिकारियों को राज्य मार्गों पर स्थापित टोल प्लाजा पर टोल टैक्स में छूट प्रदान की है, उसी तरह राज्य में एनएचएआई के टोल प्लाजा पर भी छूट दिलाई जाए या टोल वहन के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि इसका बोझ अधिकारियों और कर्मचारियों पर न पड़े।