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Panchkula News: जीरकपुर-पंचकूला बाईपास के वैकल्पिक रूटों की स्टडी में जुटा एनएचएआई

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हाईकोर्ट की रोक से छह साल से अटका है बाईपास
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पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय आपत्तियों के चलते शुरू नहीं हो सका निर्माण
2020 में शुरू होनी थी जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना
6.2 किमी एलिवेटेड सेक्शन को लेकर दो-तीन सप्ताह में रिपोर्ट आने की उम्मीद
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के कारण वर्षों से अधर में लटकी हुई है। वर्ष 2020 में शुरू होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ग्राउंड वर्क 27 मार्च से और निर्माण कार्य एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन न्यायालय के रोक के बाद काम आगे नहीं बढ़ सका। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक रूटों और अलाइनमेंट का अध्ययन कर रही है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर असीम बंसल ने बताया कि अध्ययन का कार्य अगले दो से तीन सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अध्ययन के आधार पर ही आगे की रणनीति और एलिवेटेड सेक्शन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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करीब 1,878 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना का उद्देश्य जीरकपुर और पंचकूला के बीच यातायात दबाव कम करना है। परियोजना के तहत जीरकपुर में एनएच-7 से लेकर पंचकूला में एनएच-5 तक बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए वर्ष 2020 में आरकेसीपीएल लिमिटेड को करीब 1,380 करोड़ रुपये का ठेका भी दिया गया था और निर्माण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।
हालांकि, प्रस्तावित मार्ग में आने वाले पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। अदालत की रोक के बाद निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका और परियोजना लगातार विलंब का शिकार होती रही।
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अब नए विकल्प तलाश रही एनएचएआई
हाईकोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई से पहले एनएचएआई ने वैकल्पिक अलाइनमेंट का अध्ययन शुरू किया है। विशेष रूप से घग्गर नदी के किनारे प्रस्तावित 6.2 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन की व्यवहार्यता का आकलन किया जा रहा है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर असीम बंसल का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा समाधान तलाशा जा रहा है जिससे परियोजना भी आगे बढ़े और पर्यावरणीय चिंताओं का भी समाधान हो सके।

परियोजना में क्या है प्रस्ताव
जीरकपुर में एनएच-7 (चंडीगढ़-बठिंडा मार्ग) से होगी शुरुआत।
पंचकूला में एनएच-5 (जीरकपुर-परवाणू मार्ग) से होगा जुड़ाव।
कुल पांच फ्लाईओवर प्रस्तावित।
घग्गर नदी किनारे 6.2 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन।
कुल अनुमानित लागत 1,878 करोड़ रुपये।
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