पंचकूला। अपनी लंबित मांगों को लेकर हरियाणा के नवनियुक्त पटवारियों ने सोमवार को सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रेनी पटवारी निदेशक भू-अभिलेख कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और नारेबाजी कर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित धरना स्थल सेक्टर-5 भेज दिया, जिसके बाद उन्होंने वहां शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रखा। प्रदर्शन कर रहे पटवारियों का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें केवल 10 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो उनकी जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने बताया कि इस राशि में दैनिक खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही ट्रेनिंग अवधि के दौरान उन्हें किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा या मेडिक्लेम का लाभ भी नहीं मिल रहा, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। प्रदर्शन में शामिल ट्रेनी पटवारी ने बताया कि 7 जनवरी 2025 को पंचकूला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की थी कि ट्रेनिंग अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष किया जाएगा और इसे सेवा अवधि में भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग की अवधि पूरी हुए एक साल हो चुका है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसी कारण ट्रेनी पटवारियों में रोष है और वे प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने निदेशक भू-अभिलेख से मुलाकात कर मांगों पर स्पष्ट निर्णय और समय-सीमा तय करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। ट्रेनी पटवारियों का कहना है कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें जल्द लागू किया जाना चाहिए। पटवारियों का यह आंदोलन राजस्व विभाग के कामकाज को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि पटवारी भूमि रिकॉर्ड, इंतकाल और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
-मुख्य मांगें
-ट्रेनिंग अवधि को घटाकर एक वर्ष किया जाए
-ट्रेनिंग अवधि को सेवा काल में शामिल किया जाए
-ट्रेनिंग के दौरान पूरा वेतनमान दिया जाए
-मेडिकल सुविधा और मेडिक्लेम उपलब्ध कराया जाए