एमसीएच में सातवीं मंजिल तक पानी पहुंचाने के लिए नई मोटर लगाई, 28 लाख रुपये से हो रहा ट्यूबवेल का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एमसीएच बिल्डिंग में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ गहराई पानी की किल्लत अब जल्द दूर होने की उम्मीद है। सिविल अस्पताल में जन स्वास्थ्य विभाग 28 लाख रुपये की लागत से नया ट्यूबवेल लगवा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि 15 दिन में ट्यूबवेल शुरू होने के बाद सात मंजिला एमसीएच भवन में पानी की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। सातवीं मंजिल तक पानी पहुंचाने के लिए दो दिन पहले नई मोटर भी लगाई गई है।
एक माह पहले शुरू हुई ट्यूबवेल की खुदाई का ढांचा अब तैयार हो चुका है। फिलहाल अस्पताल में पानी की आपूर्ति एक ही ट्यूबवेल से हो रही है, जिससे एमसीएच की बढ़ी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त दबाव नहीं बन पा रहा। एमसीएच में बाल रोग और स्त्री रोग की ओपीडी के साथ दोनों वार्ड और छह ऑपरेशन थिएटर शिफ्ट हो चुके हैं। 200 बिस्तरों वाले इस केंद्र में पुराने सिविल अस्पताल की तुलना में पानी की खपत कई गुना बढ़ गई है।
सातवीं मंजिल तक पहुंचाने के लिए नई मोटर
एमसीएच में प्रत्येक वार्ड, पेयजल, ऑपरेशन थिएटर और शौचालय के लिए अलग-अलग पाइपलाइन बिछाई गई है। सातवीं मंजिल तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई मोटर लगाई है। इसके बावजूद मौजूदा ट्यूबवेल से मांग के अनुसार पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नया ट्यूबवेल शुरू होने के बाद इस समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
दो दिन पहले मरीजों ने की थी शिकायत
एमसीएच में पानी की कमी को लेकर मरीजों और तीमारदारों ने शिकायत की थी। उनका कहना था कि चौथी और पांचवीं मंजिल पर वार्ड तो शिफ्ट कर दिए गए, लेकिन पीने और शौचालय के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। मरीजों को नीचे आकर बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा था। बच्चों और प्रसूताओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही थी।
3 से 4 लाख लीटर का टैंक भी तैयार
सिविल अस्पताल और एमसीएच में निर्बाध जलापूर्ति के लिए नए ट्यूबवेल के साथ 3 से 4 लाख लीटर क्षमता का स्टोरेज टैंक भी तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन और मोटरों की नियमित जांच भी की जाएगी, ताकि भविष्य में पानी की आपूर्ति बाधित न हो।
कोट
मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में 24 घंटे पानी की आपूर्ति के लिए नया ट्यूबवेल बनाया जा रहा है। यह 15 दिनों में शुरू हो जाएगा।
डा. राजेंद्र सैनी, मेंटेनेंस इंचार्ज, सिविल अस्पताल