पीएमओ की बैठक में मंजूर हुआ प्रस्ताव, फिलहाल पुरानी लाइन से जोड़ा गया कनेक्शन
सेक्टर-6 स्थित मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में पानी की समस्या का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित मदर एंड चाइल्ड (एमसीएच) हॉस्पिटल में मरीजों और स्टाफ को 24 घंटे पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नया ट्यूबवेल लगाया जाएगा। पीएमओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। अगले सप्ताह ट्यूबवेल लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल अस्पताल को पुराने ट्यूबवेल की पाइपलाइन से जोड़कर पानी की सप्लाई दी जा रही है। पानी की समस्या को अमर उजाला में एक जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
इसके बाद समस्या को गंभीरता से लेते हुए पीएमओ ने पीडब्ल्यूडी और एचएसवीपी अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अस्पताल के लिए अलग से नया ट्यूबवेल लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि नया ट्यूबवेल लगने के बाद अस्पताल में 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
पिछले 15 दिनों में सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से गायनी वार्ड को पूरी तरह एमसीएच अस्पताल में शिफ्ट किया जा चुका है। इससे पहले पीडियाट्रिक वार्ड भी यहां स्थानांतरित किया गया था। ऐसे में अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं और नवजात बच्चों के उपचार के लिए आने वाले परिजनों को पानी की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए फिलहाल पुराने ट्यूबवेल की पाइपलाइन से कनेक्शन जोड़ा गया है। हालांकि यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, इसलिए स्थायी समाधान के तौर पर नया ट्यूबवेल लगाया जाएगा।
कोट
एमसीएच में महिला एवं बाल रोगों की जांच और उपचार के लिए आने वाले लोगों को आने वाले दिनों में 24 घंटे पानी उपलब्ध होगा। फिलहाल एचएसवीपी और पुराने ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई हो रही है, जो पर्याप्त नहीं है। इसलिए नया ट्यूबवेल लगाने के लिए अगले सप्ताह टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- आरएच चौहान, पीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला
**संपादकीय सुझाव:** हेडिंग में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की जगह एमसीएच अस्पताल अधिक संक्षिप्त और प्रचलित है। इंट्रो में ट्यूबवेल, मंजूरी और टेंडर—तीनों मुख्य तथ्य शामिल किए गए हैं, जिससे हेडिंग और सबहेड सीधे इंट्रो से जुड़ते हैं।