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बड़ा फैसला: साफ होंगी पंजाब की नदियां, शहरों में लगेंगे 63 नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

Wed, 03 Aug 2022 01:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

1.50 लाख लीटर क्षमता वाला एक सीईटीपी जालंधर में लगाने का प्रस्ताव है लेकिन उस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई गई है। जालंधर में ही 50 लाख लीटर क्षमता का एक अन्य सीईटीपी अपग्रेड किया जा रहा है।
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रावी नदी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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काली बेईं समेत पंजाब की नदियों को साफ-सुथरा रखने की मुहिम चला रही पंजाब सरकार ने उद्योगों के बाद अब शहरों की गंदगी नदियों में जाने से रोकने के लिए 63 नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का फैसला किया है। गंदे पानी को साफ करने की उच्च क्षमता वाले इन ट्रीटमेंट प्लांट में से 29 अगले साल 31 मार्च तक काम करने लगेंगे जबकि 27 अन्य अगले सात 31 दिसंबर तक काम करने लगेंगे।

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पंजाब सरकार की तरफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को सौंपी गई एक रिपोर्ट में उक्त जानकारी दी गई है। सरकार ने सभी जिलों में पर्यावरण संबंधी योजनाओं की विस्तृत जानकारी एनजीटी को दी है। प्रदेश के लगभग हर शहर में दो-दो ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे, जिनकी क्षमता प्रति दिन 5680 लाख लीटर गंदे पानी को साफ करने की होगी। फिलहाल प्रस्तावित प्लांटों में से 34 जिनकी क्षमता 4900 लाख लीटर गंदा पानी साफ करने की है, निर्माणाधीन हैं। 520 लाख लीटर की क्षमता वाले 24 प्लांट लगाने के लिए अगले महीने टेंडर जारी होंगे।

260 लाख लीटर क्षमता वाले पांच अन्य प्लांटों के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी तरह, सात प्लांटों का निर्माण कार्य भूमि विवाद के कारण लटका है जबकि आठ पुराने ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड कर उनकी क्षमता 5380 लाख लीटर करने के लिए अगले साल 31 मार्च की समयसीमा तय की गई है।
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उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पंजाब में 13680 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के साथ 101 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं। इनमें से 57 में गंदा पानी ट्रीट किया जाता है, जिनकी क्षमता 3050 लाख लीटर प्रतिदिन है। इन प्लांटों से गंदे पानी को साफ करके 8326 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की जाती है।

इनके अलावा, पंजाब में 1100 लाख लीटर क्षमता वाले छह कार्यशील साधारण प्रवाह वाले ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) भी हैं, जिनमें से चार लुधियाना में, एक जालंधर में और एक फिल्लौर में है। 1.50 लाख लीटर क्षमता वाला एक सीईटीपी जालंधर में लगाने का प्रस्ताव है लेकिन उस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई गई है। जालंधर में ही 50 लाख लीटर क्षमता का एक अन्य सीईटीपी अपग्रेड किया जा रहा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सूबे में 509 प्रवाह आधारित ट्रीटमेंट प्लांटों की मासिक आधार पर देखरेख की जा रही है।

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