पंचकूला। पीएनबी बैंक लोन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता और फंड डायवर्जन मामले में पंचकूला की सीबीआई विशेष अदालत ने गुरुग्राम निवासी नीरज चौधरी को आरोप मुक्त कर दिया। नीरज पर बैंक की क्रेडिट सुविधा से रकम के कथित डायवर्जन और दुरुपयोग के आरोप थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि जांच एजेंसी ने जिन लेनदेन को फंड डायवर्जन बताया है, बैंक के पूरे लेजर से उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
बचाव पक्ष के अनुसार, माडर्न प्रिंटिंग के कैश क्रेडिट और करंट अकाउंट में एक अप्रैल 2013 से 20 जुलाई 2017 तक क्रेडिट रकम कथित डेबिट से करीब 54.28 करोड़ रुपये अधिक थी। पक्ष ने कहा कि 2019 में डीआरटी में रिकवरी कार्यवाही शुरू हुई, जबकि आपराधिक शिकायत छह वर्ष बाद दर्ज हुई। अदालत ने दलीलों और रिकॉर्ड पर विचार कर नीरज को आरोप मुक्त करते हुए आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी।