बरवाला। गांव बतौड़ के 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान नरपत सिंह ने बुढ़ापा पेंशन नहीं लेकर आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की मिसाल पेश की है। उन्होंने आज तक सरकार की बुढ़ापा पेंशन का लाभ नहीं लिया। उनका कहना है कि जब तक शरीर ठीक तरह से काम कर रहा है, तब तक मेहनत की कमाई से जीवनयापन करना चाहिए।
नरपत सिंह का यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनका मानना है कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान से बड़ा कोई धन नहीं है। गांव के पूर्व सरपंच एवं समाजसेवी लक्ष्मण दास ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं असहाय और जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए हैं। सक्षम होने के कारण नरपत सिंह ने पेंशन न लेकर जरूरतमंद व्यक्ति का हक सुरक्षित किया है। उनका यह कदम समाज को अपनी क्षमता पर विश्वास करने और लालच से दूर रहने की प्रेरणा देता है।