संवाद न्यूज एजेंसी
रायपुररानी। ब्लॉक का बागवाला गांव मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में जूझ रहा है। गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक केंद्र, पशु अस्पताल, डिस्पेंसरी, सड़क मार्ग और श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और सरपंचों ने इन समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं निकला है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुभाष राणा ने कहा कि बागवाला में सामुदायिक केंद्र का अभाव गांव की प्रमुख समस्याओं में से एक है।
उन्होंने बताया कि अन्य गांवों में सामुदायिक केंद्र बनाए गए हैं, जो सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र होते हैं। बागवाला में ऐसे केंद्र के अभाव में ग्रामीणों को विवाह और अन्य समारोहों के आयोजन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह गांव के पिछड़ेपन का संकेत है। ग्रामीणों को लगता है कि वे विकास की दौड़ में पीछे छूट रहे हैं। इसके अलावा, गांव में कोई डिस्पेंसरी नहीं है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीणों को रायपुररानी या पंचकूला जैसे दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है।
पशुओं के लिए नहीं स्वास्थ्य सेवा
सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि गांव का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। यहां पशुओं के इलाज के लिए कोई स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं है। इससे पशुपालकों को भारी नुकसान हो रहा है। पशुओं की बीमारियों के समय कोई स्थानीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गांव में पानी की निकासी की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं है। खासकर बरसात के मौसम में पानी का जमाव गांव के मुख्य क्षेत्रों में हो जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई होती है। सुभाष राणा ने कहा कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को बार-बार अवगत कराया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जो प्रस्ताव पंचायत से पास होकर आया है, उसे सरकार को भेजा गया है। जैसे ही ग्रांट आएगी पंचायत को दे दी जाएगी। - परमनंदन शर्मा, बीडीओ