चंडीगढ़। पंजाब में कोठियों और कार वाले कई रसूखदार गरीबों के लिए आया राशन हड़प कर गए हैं। हालांकि मान सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन कार्डों की जांच के आदेश पहले ही दे दिए थे, लेकिन पिछले दिनों केंद्र ने पंजाब के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि में कटौती कर दी, जिसके बाद इस जांच में तेजी लाई गई। गौर हो कि पंजाब में इस वक्त 40.68 लाख स्मार्ट राशन कार्ड धारक हैं। गड़बड़ी का पता लगते ही राज्य सरकार ने इन कार्डों की पड़ताल शुरू की, जिसमें करीब 70 हजार राशन कार्ड फर्जी पाए गए हैं। पंजाब सरकार अब तक 9.61 लाख स्मार्ट राशन कार्डों की जांच कर चुकी है। इस सिलसिले में कार्रवाई को लेकर 1 फरवरी को बैठक रखी गई थी, जो किसी वजह से टल गई। बताया जा रहा है कि जल्द विभागीय बैठक में अयोग्य पाए गए इन राशन कार्डों को निलंबित कर सरकार अनुचित लाभ लेने वालों से रिकवरी कर सकती है। जांच में फर्जी पाए गए कार्डों में ऐसे कार्ड धारक भी हैं जो अमीर हैं और उनके नाम पर कोठियां व कारें हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए भेजे जाने वाले तीन महीने के अनाज कोटे में करीब 11 फीसदी की कटौती की। लाभार्थियों की संख्या केंद्र द्वारा तय कोटा से कहीं अधिक पाई गई है। जांच किए गए राशन कार्डों में से 68,800 राशन कार्ड अयोग्य पाए गए हैं, जिसके अनुसार लगभग 7.15 प्रतिशत राशन कार्ड अमान्य हैं। इन कार्डों पर करीब सवा तीन लाख लाभार्थी खाद्यान्न ले रहे थे। वर्तमान में पंजाब में कुल 1.57 करोड़ लाभार्थियों को खाद्यान्न दिया जा रहा है।
इन जिलों में इतने राशन कार्ड निकले अयोग्य
20 जनवरी तक हुए राशन कार्डों के सर्वेक्षण के अनुसार पंजाब के मानसा जिले में अब तक सर्वाधिक सर्वे का कार्य 65.22 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इस जिले में 3,689 लाभार्थी आयोग्य निकले हैं। पठानकोट जिले में 61.34 प्रतिशत कार्डों की जांच की गई है और 4,805 लाभार्थी आयोग्य पाए गए हैं। मालेरकोटला में 57.96 प्रतिशत कार्ड की जांच हो चुकी है। इस जिले में 1,912 लाभार्थी आयोगों की पहचान की गई है। सबसे अधिक अयोग्य लाभार्थी 11,560 जिला बठिंडा में चिह्नित किए गए हैं और लुधियाना में 6,185 लाभार्थी अयोग्य पाए गए हैं।
मान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद स्मार्ट राशन कार्ड की जांच करवाई। इस मामले में अयोग्य पाए गए कार्डों पर कार्रवाई को लेकर जल्द बैठक बुलाई जाएगी।
- लाल चंद कटारूचक्क, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री