संवाद न्यूज एजेंसीकालका। प्रशासन की निष्क्रियता के कारण लाखों की लागत से बनाया गैस आधारित शवदाह गृह सफेद हाथी बनकर रह गया है। नगर परिषद उक्त शवदाह गृह को बनाने के बाद इसकी सुध लेना भूल गया है। इस कारण करीब दो साल से बने इस गैस आधारित शवदाह गृह का शटर बंद पड़ा है। इस शवदाह गृह का निर्माण करीब 70 लाख रुपये की लागत से किया गया था। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द गैस आधारित इस शवदाह गृह को शुरू किया जाए ताकि जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। इसके शुरू होने से जहां लकड़ियों की जरूरत कम होगी, वहीं प्रदूषण भी कम फैलेगा। उधर इस बाबत तत्कालीन नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी को भी कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। आज भी उक्त शवदाह ग्रह पर ताला लटका हुआ है।
समय और धन की होगी बचत
शहर के श्मशानघाट में दूसरी तरफ इसका निर्माण किया गया है। जब इसका निर्माण किया जा रहा था, तब अधिकारियों ने बताया कि इस शवदाह गृह में एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके चलते पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ संस्कार के लिए लकड़ियों की निर्भरता भी खत्म हो जाएगी। साथ ही लोगों को शवदाह के लिए अतिरिक्त विकल्प भी मिल सकेगा। इससे अंतिम संस्कार में समय और धन की भी बचत होगी।
आमतौर पर एक शव के अंतिम संस्कार में लकड़ी और अन्य सामान सहित पांच से छह हजार रुपये का खर्च आता है। गैस आधारित शवदाह ग्रह के जरिये अंतिम संस्कार करने पर लकड़ी का खर्चा बचने पर खर्च कम आएगा। औसतन एक शव के लिए चार क्विंटल लकड़ी की आवश्यकता होती है। बरसात और सर्दी में लकड़ी गिली होने के चलते भी कई बार अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गैस आधारित शव दाह ग्रह में शव की अंत्येष्टि में समय भी कम खर्च होता है।
क्या बोले लोग
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लग रहा प्रश्न चिन्ह
शहर के गैस आधारित शवदाह गृह को बनाए काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी इसे शुरू नहीं किया गया है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। नगर परिषद को चाहिए कि जल्द से जल्द गैस आधारित इस शवदाह गृह को शुरू करवाया जाए। - सितारचंद वाल्मीकि, स्थानीय निवासी
लाखों रुपये खर्च किए फिर क्यों पड़ा है बंद
शहर के श्मशानघाट में बनाए गैस आधारित शवदाह गृह को जल्द से जल्द शुरू कर देना चाहिए। प्रशासन की तरफ से इस पर लाखों रुपये खर्च करके इसे अभी तक बंद रखने का कोई औचित्य नहीं बनता। गैस आधारित शवदाह गृह चालू होने से लोगों के पास एक अन्य विकल्प भी हो जाएगा, साथ ही जरूरतमंदों को इसका फायदा मिलेगा। - प्रवीण कुमार, स्थानीय निवासी
मामला संज्ञान में आ गया है। जल्द से जल्द गैस आधारित शवदाह गृह को शुरू करवा दिया जाएगा। - जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, कालका।