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‘ओलंपिक में गोल्डन पंच लगाना है मेरा लक्ष्य’

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पंचकूला। ओलंपिक में गोल्डन पंच लगाना मेरा लक्ष्य है। इसके लिए मैं लगातार प्रैक्टिस कर रही हूं। मार्च 2022 में जॉर्डन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मेरा विश्वास बढ़ा है। इसके लिए लगातार प्रैक्टिस कर रही हूं। अगस्त अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर बॉक्सर प्रांजल यादव ने अमर उजाला से यह बात साझा की। उन्होंने बताया कि सेक्टर-3 ताऊ देवीलाल स्टेडियम में 10 साल से प्रैक्टिस कर रही हैं। वह अब 12वीं की छात्रा है।
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उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप चेन्नई में जीती है। उन्होंने बताया कि वह कोच वीरेंद्र सिंह डांगी की देखरेख में प्रैक्टिस कर रही हैं। जहां भी उनको जरूरत होती है, कोच की तरफ से उनको पूरा सहयोग मिलता है। बॉक्सिंग की प्रतिभावान खिलाड़ी प्रांजल यादव ने बताया कि अगर वह यही प्रदर्शन जारी रखती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब वह ओलंपिक में भी पदक अपने नाम करेगी। प्रांजल के पिता संदीप कुमार सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं जबकि मां सुदेश गृहिणी हैं। पिता और मां सुबह चार बजे उसे लेकर अभ्यास के लिए बॉक्सिंग रिंग में पहुंचते हैं।
इसी कारण उसे यह मुकाम मिला है। वह अभी वर्ल्ड चैंपियनशिप के मुकाबलों की तैयारी कर रही है। प्रांजल के पिता संदीप कुमार सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं जबकि मां सुदेश गृहिणी हैं। प्रांजल के पिता संदीप कुमार ने बताया कि उसको चाचा विकास यादव से प्रेरणा मिली है। वह तीन बार के ओलंपियन हैं। उनसे ही बॉक्सिंग की प्रेरणा मिली। हमारी इच्छा है कि बेटी वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाए।
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रूद्र प्रताप बॉक्सिंग में लाना चाहते हैं स्वर्ण
रूद्र प्रताप दांगी भी पंचकूला के होनहार खिलाड़ी हैं। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह भी क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेल चुके हैं। वह भी नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। उनके कोच और पिता वीरेंद्र डांगी हैं। उनका भी सपना है कि वह बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल लाए। इसके लिए वह लगातार तैयारी कर रहे हैं।
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