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Panchkula News: मारपीट के चार साल पुराने केस में मां-बेटा दोषमुक्त

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शिकायतकर्ता अदालत में मुकरा, आरोपियों की पहचान से किया इन्कार स्वतंत्र गवाह भी अभियोजन के पक्ष में नहीं आया
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पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने राजरानी और धीरज उर्फ टोनी को किया बरी
माई सिटी रिपोर्टर

पंचकूला। रायपुररानी क्षेत्र में मारपीट के चार साल पुराने मामले में अदालत ने राजरानी और उसके बेटे धीरज उर्फ टोनी को दोषमुक्त कर दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ओमप्रकाश अपने पूर्व कथन से मुकर गया और दोनों आरोपियों की पहचान करने से इनकार कर दिया। वहीं, स्वतंत्र गवाह साहिल ने भी अभियोजन के पक्ष में गवाही नहीं दी।

2022 में दर्ज हुआ था मामला
मामला 10 सितंबर 2022 का है। पुलिस को दी शिकायत में ओमप्रकाश ने आरोप लगाया था कि वह घर के बाहर चारपाई पर बैठा था। इसी दौरान उसका भतीजा धीरज लाठी लेकर पहुंचा। घर खाली करने को लेकर कहासुनी के बाद उसने ओमप्रकाश के सिर पर वार कर दिया। घायल ओमप्रकाश को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने राजरानी और धीरज के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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शिकायतकर्ता ने कहा, अज्ञात व्यक्ति ने किया हमला
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने दो गवाह पेश किए। स्वतंत्र गवाह साहिल ने अभियोजन के समर्थन में गवाही नहीं दी, जिसके बाद उसे पक्षद्रोही घोषित किया गया। वहीं, शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने अदालत में कहा कि उस पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने हमला किया था और उसने राजरानी व धीरज को हमलावर के रूप में पहचानने से इनकार कर दिया।
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आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों की संलिप्तता संदेह से परे साबित नहीं कर सका। पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने राजरानी और धीरज उर्फ टोनी को दोषमुक्त कर दिया।
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