मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल। संवाद
पंचकूला। मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के नवनिर्मित भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम का काम पूरा नहीं होने के कारण पीडब्ल्यूडी को दूसरी बार भी एनओसी नहीं मिली है। फायर अधिकारी के अनुसार भवन नेशनल बिल्डिंग कोड पार्ट-4 के मानकों को पूरा नहीं करता है। इस वजह से विभाग ने दूसरी बार फायर एनओसी के लिए ऑब्जेक्शन लगा दिया है। जब तक काम पूरा नहीं होगा दमकल विभाग एनओसी जारी नहीं करेगा। इस कारण उपचार के लिए गर्भवती महिलाओं को अभी इंतजार करना पड़ेगा। अब पीडब्ल्यूडी को फायर एनओसी के लिए काम पूरा करने के बाद तीसरी बार आवेदन करना पड़ेगा।
बता दें कि 113 करोड़ की लागत से बने 11 मंजिला मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के भवन को पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। इसका वर्चुअल उद्घाटन अगस्त 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि एक छत के नीचे जच्चा-बच्चा को उपचार के सभी संसाधन मिलेंगे। एक बेड पर दो गर्भवती महिलाओं को लेबर रूम में नहीं लेटना पड़ेगा। अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दस करोड़ की मशीनें होनी है स्थापित
साल 2024 में बिल्डिंग का काम पूरा हुआ था। अब एनओसी के चक्कर में मामला लटक गया है। अस्पताल में दस करोड़ की मशीनें स्थापित की जानी हैं। इसमें अभी टेस्टिंग मशीन भी इंस्टाल नहीं किया गया है। पंचकूला सहित कालका, पिंजौर, रायपुररानी, बरवाला, मोरनी की महिलाओं को अभी टेस्टिंग में वेटिंग की समस्या का सामना करना पड़ेगा। पहले डॉक्टर से जांच और उसके बाद अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग के अनुसार अस्पताल के बार-बार चक्कर लगना पड़ता है।
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में मानकों के अनुसार फायर फाइटिंग का काम पूरा किया जा रहा है। मानक पूरा होते ही एनओसी के लिए आवेदन किया जाएगा। - आशीष चौहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी पंचकूला
सेक्टर-6 मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग में फायर फाइटिंग से जुड़े मानक पूरे नहीं हैं। सोमवार को जांच में बेसमेंट से लेकर ऊपरी मंजिल तक का काम अभी अधूरा है। अस्पताल की बिल्डिंग नेशनल बिल्डिंग कोड पार्ट-4 के मानकों को पूरा नहीं करता है। जब तक मानक पूरे नहीं होंगे। फायर एनओसी जारी नहीं किया जाएगा। - तरसेम सिंह, फायर अधिकारी, दमकल विभाग पंचकूला।