माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। दिन का तापमान डेंगू के पनपने में सहयोगी साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग रोजाना सर्वे कर डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को नोटिस पर नोटिस दे रहा है लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में बंद कोठियों में पनपी घास अभी तक नहीं काटी गई है। इस कारण भी सफाई नहीं होने के कारण मच्छर जिंदा हैं। इसी वजह से लारवा पैदा हो रहा है। इसके बाद डेंगू के मच्छर पैदा हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस मामले का अभी तक कोई निदान नहीं निकल सका है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संदीप जैन का कहना है कि वर्तमान में दिन का तापमान 28 डिग्री और रात का तापमान 10 डिग्री है। जब दिन और रात को तापमान 10 डिग्री से कम या इसके आसपास पहुंच जाएगा तो मच्छर मर जाएंगे। तब डेंगू से निजात मिल सकती है। दूसरी तरफ नगर निगम की तरफ से फॉगिंग का शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। हरियाणा के पंचकूला जिले में सबसे ज्यादा मामले आने के बाद भी बंद घरों की सफाई नहीं हो पा रही है। अब तक जिले के 12957 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अभी तक जिले में डेंगू के 1322 मामले सामने आए हैं। जिले में डेंगू से छह लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में डेंगू के साथ अन्य बीमारी के मामले भी सामने आए थे। पंचकूला में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले आने के बाद गत सप्ताह डीसी मोनिका गुप्ता ने मीटिंग लेकर नगर निगम को निर्देश दिए थे कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी जगह लारवा की जांच की जाए। इसमें स्वास्थ्य विभाग ने चेकिंग शुरू की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 45 लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस दिया था। यह नोटिस शहर के सेक्टर-10, 11, 15, 17, कालका, पिंजौर, मोरनी और रायपुररानी सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों का दिया गया था। डीसी के निर्देश के बाद नगर निगम ने फॉगिंग का शेड्यूल नहीं बनाया। इस कारण कहीं पर भी फॉगिंग नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी जगह जांच की जा रही है। लारवा मिलने पर स्वास्थ्य विभाग लोगों को नोटिस दे रहा है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल