पहाड़ी क्षेत्र मोरनी में घूमने आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग ने मुख्य सड़कों के सभी 20 खतरनाक मोड़ों पर स्टील की रेलिंग लगाने का फैसला किया है। रेलिंग का सामान भी मोरनी पहुंच चुका है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। साइन बोर्ड और रेलिंग न होने के कारण खतरनाक मोड़ों पर यहां कई हादसे हो चुके हैं, गहरी खाई में वाहन गिरने से पर्यटकों की जान भी जा चुकी है।
अमर उजाला ने 27 नवंबर, 2015 के अंक में ‘न साइन बोर्ड न रेलिंग, मोड़ पर थम रही जिंदगी की दौड़’ शीर्षक से इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने खतरनाक मोड़ों पर रेलिंग लगाने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि खतरनाक मोड़ों पर संतुलन बिगड़ने के बाद बचाव के लिए रेलिंग न होने के कारण खाई में वाहनों के गिरने की संख्या बढ़ी है। सिल्यों के पास एक कार हादसा हुआ था। इसमें एक कार 150 फुट गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में कार सवार युवक की मौत हो गई थी, जबकि उसके तीन दोस्तों को गंभीर चोटें आई थीं। इसके अलावा थापली में स्कूटर सवार दो युवकों की मौत हो गई थी। वहीं रसून गांव और काली घटी मोड़ पर कार हादसे हो चुके हैं। विभाग द्वारा इन मोड़ों पर रेलिंग लगाने की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता हरपाल सिंह का धन्यवाद किया है।
शुरुआत में इन मोड़ों पर लगेगी
कार्यकारी अभियंता हरपाल सिंह व कनिष्ठ अभियंता ओम नारायण गुप्ता ने बताया कि पंचकूला से टिक्कर ताल वाया मोरनी मार्ग पर सिल्यों गांव के पास, थाना गांव के पास, काली घटी मोड़, गझान मोड़, रसून मोड, थापली मार्ग पर फॉरेस्ट विभाग की छतरी वाले मोड़ पर 135 मीटर लंबी रेलिंग लगाई जाएंगी। वहीं 195 मीटर लंबी स्टील की रेलिंग मोरनी से बड़याल से आगे नीमवाला व टिक्कर ताल से आगे बराट गांव के सभी खतरनाक मोड़ों पर लगाने का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।