चंडीगढ़। हरियाणा की मंडियों में 30 लाख टन से अधिक गेहूं त्वरित खरीद व समय से उठान न होने के कारण बारिश में भीग रहा है। सरकार तो किसानों के गेहूं को भीगने से बचाने की तमाम कोशिश कर रही है, लेकिन ट्रांसपोर्टर्स काबू नहीं आ रहे। ट्रांसपोर्टर्स द्वारा समय पर गेहूं न उठाने से भी दिक्कतें बढ़ी हैं। हालांकि, जिला प्रशासन अब बेलगाम ट्रांसपोर्टर्स के खिलाफ सख्त हुआ है। कुछ जिलों में गेहूं उठान के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था न करने पर डीसी ने ट्रांसपोर्टर्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई हैं।
सीएम मनोहर लाल रबी सीजन की फसलों की खरीद व उठान की खुद समीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में लापरवाही बरतने वालों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने बुधवार को इस बाबत किसानों व आढ़तियों के साथ बैठक की। गर्ग ने कहा कि मंडियों के अलावा भी लाखों टन गेहूं किसानों के खेतों में पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 3 दिन गेहूं खरीद बंद करने के बावजूद भी अनाज मंडियों में 30 लाख टन गेहूं अभी उठान के लिये बाकी पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने चहेतों को गेहूं उठान के ठेके देकर आढ़तियों से पैसे एेंठने का लाइसेंस दे दिया है। ठेकेदार, आढ़ती से पैसे खाने के चक्कर में जल्दी से गेहूं का उठान नहीं कर रहे हैं। सरकार को गेहूं उठान के ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार गेहूं खरीद एजेंसियों को तुरंत गेहूं की खरीद, गेहूं का उठान व भुगतान के आदेश करे। सरकार को बार-बार चेताने के बावजूद समय पर गेहूं की खरीद व उठान ना होने से किसान व आढ़ती में नाराजगी है। गेहूं खरीद के लिए मंडियों में पुख्ता प्रबंध करने चाहिए ताकि भविष्य में किसान, आढ़ती व मजदूर को कोई दिक्कत न आए।