पंचकूला। मानसून की बारिश में स्किन एलर्जी, रेशेज, खुजली और फंगल इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। सिविल अस्पताल में रोजाना इन बीमारियों के तीन सौ मरीज आ रहे हैं। इसमें स्किन मेंं इंफेक्शन के सौ मामले आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा मरीज नमी, पसीना और गदंगी के संपर्क से बढ़े हैं।
सिविल अस्पताल सेक्टर -6 के स्किन हेड डिपार्टमेंट के डॉ. संदीप साहनी ने बताया कि बारिश में हवा में नमी का स्तर बहुत ज्यादा होता है जिससे त्वचा जल्द गीली हो जाती है, इससे बचें। ऐसे में स्किन पर फंगस या बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और त्वचा से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इसी वजह से रिंगवर्म (दाद), एथलीट्स फुट जैसे फंगल संक्रमण मानसून में तेजी से फैलते हैं। खासकर जब शरीर की सफाई ठीक से नहीं होती या बार-बार कपड़े गीले होते हैं, तब ये संक्रमण और बढ़ जाता है।
इस मौसम में इसलिए होती है स्किन एलर्जी
डॉ. संदीप साहनी ने बताया कि मानसून में धूल-मिट्टी और खराब पानी के जरिये कीटाणु हमारे संपर्क में आते हैं। साथ ही इस मौसम में कीड़े-मकोड़े और बैक्टीरिया भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। मरीजोंं को नमी के कारण पसीने से एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है, जिसमें लाल चकत्ते, जलन या सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं।
इस तरह से स्किन एलर्जी से करें बचाव
- मानसून में त्वचा को सूखा और साफ रखें।
- गीले कपड़े तुरंत बदलें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं, खासकर उन हिस्सों को जहां नमी ज्यादा रहती है।
- टाइट कपड़े पहनने से बचें क्योंकि ये पसीना सोखने की बजाय स्किन को ज्यादा गीला रखते हैं
- पाउडर या एंटी-फंगल क्रीम का इस्तेमाल करें अगर पसीना ज्यादा आता है।
- नहाने के बाद उंगलियों के बीच और जांघों के पास त्वचा को पूरी तरह सुखाना न भूलें।
- बारिश में भीगने के बाद तुरंत नहाएं और साफ कपड़े पहनें।
- स्किन पर लाल धब्बे, खुजली, बदबूदार पसीना या छाले बन रहे हैं तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।