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Panchkula News: मांगें पूरी न होने पर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ में गुस्सा, डीजी कार्यालय घेरा बोले-मेडिकल लीव स्वीकृत करने की शक्ति भी सिविल सर्जन को प्रदान की जाए

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पदोन्नति, ग्रेडेशन सूची जारी करने और मेडिकल लीव स्वीकृति की शक्ति सिविल सर्जन को देने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में एसएएस का फार्म भरने को लेकर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ में असंतोष बढ़ गया है। लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार को पंचकूला स्थित डीजी कार्यालय का घेराव किया।
हरियाणा स्वास्थ्य मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमित बुरा ने कहा कि कर्मचारी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से अपनी लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक से मिलने का समय मांग रहे हैं। कई बार पत्राचार और मौखिक आग्रह के बावजूद अभी तक मुलाकात का समय नहीं दिया गया है। इससे प्रदेशभर के स्वास्थ्य मिनिस्ट्रीयल स्टाफ में रोष है।
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एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में अधीक्षक, उपअधीक्षक, जेएसएन, सहायक, सीनियर स्टोर कीपर, आंकड़ा सहायक और लिपिक के रिक्त पदों पर जल्द पदोन्नति आदेश जारी करना शामिल है। एसोसिएशन ने बताया कि 22 नवंबर 2023 को लिपिक वर्ग की संभावित ग्रेडेशन सूची जारी कर आपत्तियां मांगी गई थीं। लगभग सभी जिलों से आपत्तियां भेजी जा चुकी हैं, लेकिन करीब दो साल बाद भी अंतिम ग्रेडेशन सूची जारी नहीं की गई है। कर्मचारियों ने सभी श्रेणियों की फाइनल ग्रेडेशन सूची जल्द जारी करने की मांग की है।
कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि जिस प्रकार डॉक्टरों और डेंटल सर्जनों की 14 दिन तक की मेडिकल लीव स्वीकृत करने की शक्ति सिविल सर्जन को दी गई है, उसी प्रकार फील्ड में कार्यरत ग्रुप-बी की अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों की मेडिकल लीव स्वीकृत करने का अधिकार भी सिविल सर्जन को दिया जाए। यह मांग पिछले करीब दो वर्षों से लंबित है।

इसके अलावा कंप्यूटर लिपिक से आंकड़ा सहायक पद पर पदोन्नति के लिए अनुभव अवधि 10 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने, फील्ड कार्यालयों में नए पदों का सृजन करने और मई 2022 में दिए गए आश्वासन के अनुसार सभी श्रेणियों के कन्फर्मेशन आदेश जारी करने की मांग भी उठाई गई।
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एसोसिएशन ने कहा कि वर्ष 2020 में सभी सिविल सर्जन कार्यालयों में एसएनई के तहत नए पदों का सृजन किया गया था, जिसमें जिला परिवार कल्याण कार्यक्रम के पद भी शामिल थे। कर्मचारियों का आरोप है कि समाप्त किए गए पदों को तो स्वीकार कर लिया गया, लेकिन नए पदों को बजट का हवाला देकर लंबित रखा गया है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा जारी एसएनई के अनुसार जिला परिवार कल्याण में बनाए गए नए पदों को मंजूरी देकर नियुक्तियां करने की मांग की है।
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