पंचकूला। 30 लाख से ज्यादा लोग कैंसर से ग्रसित हैं, जबकि 17 लाख केस नए सामने आ रहे हैं। हर वर्ष पांच लाख से ज्याद लोगों की जान जा रही है। देश में 70 फीसदी कैंसर के मरीज एडवांस स्टेज पर हैं। देश में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट और माउथ कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं। इस बीमारी को जागरूकता से रोक सकते हैं। यह कहना है पारस अस्पताल पंचकूला के कैंसर विभाग के डायरेक्टर डॉ. बिग्रेडियर राजेश्वर सिंह का। वह बुधवार को कैंसर डे की पूर्व संध्या पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सही खुराक, व्यायाम व अच्छी जीवन शैली से कैंसर से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कैंसर होने की स्थिति में जल्द इलाज शुरू करवाना जरूरी है। महिलाओं में ब्रेस्ट व गर्भाश्य का कैंसर आम हो रहा है, जबकि पुरुषों में फेफड़ों व लीवर का कैंसर ज्यादा होता है। डॉ. राजन साहू ने कहा कि विश्व में मुंह के कैंसर के मरीजों की गिनती में भी बड़ा इजाफा हो रहा है। तंबाकू आदि बुरी आदतों ने मुंह के कैंसर के रोगियों की गिनती को बढ़ाया है। महिलाओं को अपनी ब्रेस्ट की देखभाल की तरफ ज्यादा ध्यान देना चाहिए व थोड़ी बहुत समस्या दिखाई देने पर मैमोग्राफी या छाती का एक्स-रे करवाना चाहिए।
ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी सर्वाइकल कैंसर से भी ज्यादा
डॉ. दीपक सिंगला ने कहा कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर ने सर्वाइकल कैंसर को नए युग की सबसे आम और घातक जानलेवा बीमारी के रूप में ले लिया है। कैंसर रेडिएशन के कंस्लटेंट डॉ. परनीत सिंह ने कहा कि रहन-सहन के तरीकों के कारण कैंसर के रोगियों की गिनती में इजाफा हो रहा है व यह स्थिति आगामी दो दशकों तक 70 फीसदी तक बढ़ने वाली है। डॉ. जगनदीप सिंह ने बताया कि पारस अस्पताल में हड्डियों के कैंसर की भी सुविधा मुहैया करवाई गई है। न्यूकिलियर मेडिसन के कंस्लटेंट डॉ. अनुपम गाबा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पी.ई.टी. स्कैन द्वारा कैंसर की मौजूदगी का पता लग सकता है। इस मौके पर पारस अस्पताल पंचकूला के प्रमुख आशीष चड्ढा भी मौजूद थे।