कालका। कोरोना के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते राज्य सरकार ने लॉकाडाउन समेत अन्य पाबंदियां लगा दी हैं। इसका सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है। काम न होने और खाने-पीने की समस्या के कारण मजदूरों ने पलायन शुरू कर दिया है।
बुधवार को कालका रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में अपने राज्यों को लौटते प्रवासी मजदूर देखे गए। वापस जाने वाले मजदूरों का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामलों ने उनके सामने चुनौती खड़ी कर दी है। लॉकडाउन लगने से उनके कामकाज प्रभावित हुए हैं। पहले वाली स्थिति न हो इसके लिए बेहतर है कि हम अपने घर पर पहुंच जाएं। कालका व आसपास के क्षेत्रों से पलायन करने वाले मजदूरों में सबसे ज्यादा मजदूर झारखंड के हैं। कालका रेलवे स्टेशन के सामने बैठे प्रवासी मजदूरों ने बताया कि जहां वे काम करते थे उन्हें वहां से निकाल दिया है। कई जगह अस्थायी तौर पर काम बंद हैं। ऐसे में अब यहां गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए वे वापस जा रहे हैं।
घर लौटना ही बेहतरीन विकल्प
बंद हुए काम
मेरा घर झारखंड में है। मैं यहां बद्दी की एक कंपनी में काम करता था। कोरोना के चलते फिलहाल काम बंद हो गया है। ऐसे में घर वापसी के लिए झारखंड जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए आया हूं। - विक्टर हस्ता, प्रवासी मजदूर।
खर्च हो गए पैसे
बंद्दी स्थित कंपनी में काम करने से गुजारा चल रहा था। काम बंद होने के बाद जो पैसे मिले थे वह खर्च हो चुके हैं। अब यहां रहना मुश्किल हो रहा है। कंपनी के ठेकेदार ने काम पर आने से मना कर दिया है। -रिशु, प्रवासी, मजदूर
हो रही है परेशानी
लॉकडाउन तक बद्दी की एक कंपनी में काम अच्छा चल रहा था। कंपनी बंद होने के चलते वह वापिस घर जा रहे हैं। क्योंकि यहां पर पैसे न होने के चलते कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -परितोसिमरन, प्रवासी मजदूर।