पंजाब में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की परीक्षाएं रद्द करने के बाद फैसला लिया गया है कि विद्यार्थियों को उनकी पिछली परीक्षा/सेमेस्टर के अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। लेकिन जो विद्यार्थी पिछली परीक्षा में फेल हैं, उन्हें प्रमोट नहीं किया जाएगा। उन्हें परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा हालात सामान्य होने के बाद होगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्य में कोविड महामारी के चलते यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की परीक्षाएं रद्द करने का एलान किए जाने के अगले ही दिन रविवार को इससे संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए। राज्य में कुछ यूनिवर्सिटियों की तरफ से ऑनलाइन ली जा रही परीक्षाओं पर रद्द संबंधी फैसला लागू नहीं होगा और उनकी ऑनलाइन परीक्षाएं बेरोक जारी रहेंगी।
डायरेक्टर ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन (सी), पंजाब (कॉलेज एजूकेशन ब्रांच) की ओर से रविवार को सभी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलरों को जारी पत्र में कहा है कि सभी विद्यार्थियों को उनके पिछली परीक्षा में हासिल औसत ग्रेड/अंक/सीजीपीए के आधार पर डिग्री-डिप्लोमा प्रदान किए जाए। इसके अलावा जो विद्यार्थी प्रमोट हुए हैं, उन्हें यह विकल्प दिया जाएगा कि अगर वे जरूरी समझते हैं तो अपने ग्रेड में सुधार के लिए परीक्षा दे सकते हैं। ये परीक्षाएं कोविड संकट कम होने के बाद होंगी।