चंडीगढ़ सेक्टर 32 मेडिकल कालेज के वार्षिक समारोह में सांसद किरण खेर ने भविष्य के डॉक्टरों से पूछा कि वे लोग हाथ खड़ा करें, जो गांवों में रहकर समाज सेवा करना चाहते हैं? सवाल पूछते ही पूरे हाल में सन्नाटा छा गया और किसी भी स्टूडेंट्स ने हाथ खड़ा नहीं किया। यह नजारा देखते ही किरण बोलीं कि इसलिए शहरी डॉक्टरों पर मरीजों का बोझ बढ़ रहा है। क्योंकि गांव व दूरदराज इलाके में कोई भी जाना नहीं चाहता।
दरअसल, यह बात मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने अपने संबोधन के दौरान उठाई कि यहां पर डॉक्टरों की बेहद कमी है। डॉक्टरों पर काम का बोझ ज्यादा है। इससे पेशेंट और डॉक्टर सभी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी बात पर सांसद ने यह सवाल पूछ लिया था। सांसद किरण ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर में डॉक्टर की कमी है तो हम अंदाजा लगा सकते हैं कि पूरे देश की क्या स्थिति होगी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने देश में मेडिकल कॉलेज खुलवाए हैं।
पीजीआई में वे लोग एक उम्मीद लेकर आते हैं, जिन्हें अपने एरिया में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पातीं। समस्या यह है कि स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद विदेश चले जाते हैं। यहां रहकर कोई काम नहीं करना चाहता। इससे पहले डॉ. चवन ने मेडिकल कालेज की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक जीएमसीएच आज देश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 7वीं रैंक पर है। इस साल से एमबीबीएस में 150 छात्रों को एडमिशन करने की अनुमति दी गई है।
सेक्टर-48 अस्पताल अब मेडिकल कालेज का हिस्सा बन चुका है। इसमें स्किन, मनोचिकित्सक, ईएनटी और रेडिएशन आंकोलाजी डिपार्टमेंट की इनडोर सेवाएं जल्द शुरू की जाएगी। 87 नए नर्सिंग स्टाफ को भर्ती किया गया। आयुष्मान भारत के तहत 800 से अधिक रोगियों को कैशलेस ट्रीटमेंट किया गया। 52 करोड़ से इमरजेंसी, ट्रोमा ब्लॉक और 32 करोड़ से मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक बनवाया गया है। इसके जल्द ही शुरू होने की संभावना है। कार्यक्रम में एमसी मेयर राजेश कालिया भी उपस्थित रहे।