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पूर्व सीएम वीरभद्र के भतीजे आकांक्ष सेन मर्डर केस में बचाव पक्ष का तर्क- बॉडी पर नहीं टायर के निशान

Sat, 07 Sep 2019 10:03 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
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आकांक्ष सेन मर्डर
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे आकांक्ष की हत्या के हाईप्रोफाइल केस की सुनवाई एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजीव गोयल की अदालत में शुक्रवार को हुई। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई।
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बहस की शुरुआत करणयोग के बयान से शुरू हुई, जिसमें उसने कहा था कि गाड़ी आकांक्ष के पेट के ऊपर चलाई गई थी, लेकिन वकील का कहना है कि गाड़ी और व्यक्ति की लंबाई के हिसाब से गाड़ी पेट तक नहीं जा पाएगी। वह जांघों पर हिट करेगी। खास बात यह है कि आकांक्ष की जांघों पर चोट का कोई निशान नहीं थे। ऐसे में यह साबित नहीं किया जा सकता कि बीएमडब्ल्यू कार आकांक्ष को टच हुई है। एडवोकेट वड़ैच ने यह भी कहा कि आकांक्ष के शरीर पर टायर का कोई निशान नहीं मिला है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आकांक्ष की मौत की वजह हेड इंजरी बताई गई थी। उसमें यह कहीं नहीं लिखा है कि उसके शरीर पर गाड़ी के टायरों के निशान हैं। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि दो इंजरी यह साबित करती है कि टायर के निशान वाली बात झूठ है क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हिसाब इंजरी खरोचें हैं।
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पोस्टमाटम रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं है कि बॉडी पर टायर के निशान हैं। उनका कहना है कि यह प्वाइंट बाद में रिपोर्ट में डाला गया है। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि अगर गाड़ी पेट के ऊपर से चलाई गई है तो बॉडी के ऊपर के हिस्से के कपड़े कहां हैं, जो साबित करते है कि बॉडी पर गाड़ी चली थी।

 
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यह है पूरा मामला

हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी के भतीजे आकांक्ष की हत्या 9 फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यूए से कुचलकर कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि आकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। आकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
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