मौड़ मंडी धमाके की जांच में एसआईटी के विफल रहने का आरोप लगाते हुए मुख्य याचिका पर फिर से सुनवाई की मांग वाली पुनर्विचार अर्जी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। मुख्य याचिका दाखिल करते हुए गुरजीत सिंह पातड़ां ने एडवोकेट महेंद्र सिंह जोशी के माध्यम से 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान मौड़ मंडी में हुए बम धमाके की जांच सही प्रकार से न करने का आरोप लगाया गया था।
याचिका में कहा गया था कि इस मामले के तार डेरा सच्चा सौदा से जुड़े हैं लेकिन पुलिस इस संदर्भ में जांच ही नहीं कर रही है। जिस कार से धमाके किए गए थे वह डेरे में असेंबल हुई थी और डेरा हरियाणा में है। ऐसे में यह एक अंतरराज्यीय मामला है। जिसकी जांच पंजाब पुलिस के बजाय नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) से करवाई जानी चाहिए। तब पंजाब सरकार के आश्वासन पर हाईकोर्ट ने मामले की एनआईए से जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी और पंजाब पुलिस द्वारा गठित एसआईटी को आगे जांच का आदेश दिया था।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं, चालान कोर्ट में पेश
इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट ने नए सिरे से एसआईटी गठित कर जांच करने का आदेश दिया था। नई एसआईटी मामले की जांच पूरी कर चुकी है और ट्रायल कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है लेकिन अभी तक इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हाईकोर्ट कह चुका है कि जल्द से जल्द मामले के मुख्यारोपी को पकड़ा जाए बावजूद इसके अभी तक मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए दोबारा सुनवाई की अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने इस अपील को मंजूर कर लिया है।