चंडीगढ़। पंजाब के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के मन से अब अंग्रेजी और गणित का डर दूर करने के लिए सरकार ने नई रणनीति बनाई है। सरकार समर्थ प्रोजेक्ट के सहारे इन दोनों में विषयों में बच्चों की पकड़ को मजबूत करेगी। विद्यार्थियों को ऐसे तरीके सिखाए जाएंगे कि वह चुटकियों में गणित के कठिन सवालों का जवाब दे पाएंगे। प्रोजेक्ट की कामयाबी के लिए कोई बाहर से व्यक्ति नहीं लिया जाएगा, बल्कि स्कूल शिक्षक ही इसमें अहम रोल निभाएंगे। अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द यह प्रोजेक्ट लांच कर दिया जाएगा। विभाग के अधिकारी इस प्रोजेक्ट की रणनीति बनाने में जुटे हैं। माहिरों की माने तो इस बहाने विद्यार्थियों की विषय में पकड़ को मजबूत किया जाएगा।
शिक्षा विभाग आठवीं तक के विद्यार्थियों की विषयों में पकड़ मजबूत बनाने के लिए समर्थ मिशन लेकर आ रहा है। इसमें कोशिश की जाएगी आठवीं तक के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, गणित, साइंस, हिंदी और पंजाबी में माहिर बनाया जाएगा। सूत्रों की माने तो 8वीं कक्षा तक के 45 फीसदी विद्यार्थी अंग्रेजी और गणित में काफी कमजोर हैं। ऐसे में उन्हें आगे चलकर दिक्कत आती है। इसी खामी को दूर करने के लिए सरकार ने प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है।
इस दौरान टीचर आसान तरीकों से बच्चों को गणित, साइंस और दोनों भाषाओं को सिखाएंगे। स्कूलों में टीचिंग लर्निंग मैटीरियल प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा उन्हें रोजाना एक से दो नए शब्द सिखाए जाएंगे।
शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस का कहना है कि सरकार की कोशिश सरकारी स्कूलों को बदलने की है। इसके लिए सरकार जहां शिक्षकों को सिंगापुर भेज रही है वहीं, दिल्ली सरकार के साथ एक प्रोग्राम बनाया है। शिक्षकों को वहां के स्कूलों से भी सिखाने की कोशिश की जा रही है।
किताबों को बनाया कलरफुल, अभ्यास का भी मौका
इससे पहले पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सभी कक्षाओं के सिलेबस को रिवाइज किया है। किताबों को कलरफुल बना दिया है ताकि बच्चे किताबों की तरफ आकर्षित हों। प्रत्येक पाठ के बाद विद्यार्थियों के लिए अभ्यास का हिस्सा छोड़ा गया है। विभाग को उम्मीद है कि इससे भी काफी सुधार हो रहा है। इसके अलावा हर साल सिलेबस रिवाइज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसमें नई चीजें जोड़ी जाती हैं।