हरियाणा सरकार ने बेरोजगारी दूर करने का खाका खींच लिया है। निजी क्षेत्र में 75 फीसदी नौकरियां प्रदेश के युवाओं के लिए सुनिश्चित करने के अलावा रोजगार सृजन को लेकर सीएम मनोहर लाल ने खुद कमान संभाली है। इसके लिए उन्होंने प्रोजेक्ट ‘हर हाथ को काम’ तैयार किया है। सीएम ने सभी विभागों को इसे मद्देनजर रखते हुए योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम के प्रोजेक्ट के तहत जो बेरोजगार होगा, सरकार उसके द्वार पहुंचेगी। उनसे पूछा जाएगा, क्या करते हो, खाली क्यों बैठे हो, कुछ न कुछ जरूर करो। अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था तैयार करने के लिए कह दिया गया है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। रोजगार कार्यालयों का टारगेट ग्रुप 15 से 35 साल के युवा रहेंगे।
नौकरी तो 18 साल के बाद ही मिलेगी, लेकिन 15 से 18 साल के बीच उनका कौशल विकास किया जाएगा। यह जिम्मेदारी औद्योगिक व कौशल प्रशिक्षण विभाग के साथ लक्ष्य निर्धारित कर रोजगार कार्यालय भी उठाएंगे। जितनों को सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार मिल गया वह ठीक, जो रह जाएंगे उन तक पहुंचकर कौशल अनुसार कोई न कोई रोजगार दिलाने की कोशिश की जाएगी।
सीएम चाहते हैं कि प्रदेश का एक भी नौजवान न कहे, वह खाली है। नए रोजगार उपलब्ध कराने, निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सभी 22 जिलों में औद्योगिक क्लस्टर की पहचान का काम पूरा कर लिया है।