पिंजौर। यादविंद्रा गार्डन पिंजौर में शुक्रवार को तीन दिवसीय मैंगो मेला का आगाज हो गया। मेले में करीब 300 किस्मों के आम शामिल हैं, ताकि लोग फलों का राजा कहे जाने वाले आम की ज्यादा से ज्यादा किस्मों का मज़ा ले सकें। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आम उत्पादक यहां पहुंचे हैं। हालांकि शुक्रवार को वर्किंग डे और मौसम में उमस होने की वजह से दिन में यादविंद्रा गार्डन पहुंचने वाले लोगों की संख्या कम ही रही परंतु शाम को मौसम सुहावना हाेने के साथ ही मेले का लुत्फ उठाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। लोग आम की विभिन्न किस्में देखकर आश्चर्यचकित रह गए। आम्रपाली, मल्लिका, आफरोन काकदान, आलम चन्ना, दशहरी, बर्ड मैंगो, चंदन पसंद, दिल खास, जर्द आमीन चौसा, लंगड़ा, बॉम्बे ग्रीन (मालदा), रतोल, अंबिका, रामकेला किस्म के आम लोगों की पसंद बने हैं।
इस दौरान रंगोली, एक्सटेम्पोर, फेस पेंटिंग, पोस्टर बनाना, आम खाना और आम प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रंगोली प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने अपने रचनात्मक कौशल के माध्यम से मैंगो मेला की थीम पर उत्कृष्ट कृतियां बनाईं। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और फेस पेंटिंग प्रतियोगिता में भी युवाओं ने मन की कल्पना को कैनवास पर उकेरा। लोक कलाकारों की नगाड़ा पार्टी, जंगम पार्टी, बैगपाइपर ग्रुप, बीन पार्टी, एकतारा ग्रुप आदि ने कला को प्रदर्शित कर लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि इस वर्ष आम मेला बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है। कलाकारों और आगंतुकों को सुविधाएं प्रदान करने के सर्वोत्तम प्रयास किए गए हैं। मेला आम उत्पादकों को अपने आम और आम उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करता है। प्रमुख व्यावसायिक आम की किस्में मेले में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
दो किलो का हाथी चिंघाड़ और डेढ़ ग्राम ग्राम का अंगूरी देख लोग रह गए दंग
मेले में आम आम की विभिन्न किस्मों को देखकर लोग दंग रह गए। एक तरफ हाथी चिंघाड़ जिसका वजन अधिकतम दो किलो तक है वहीं दूसरी ओर अंगूरदाना आम का वजन डेढ़ ग्राम तक था। आम का नाम शूगर फ्री है परंतु खाने में मिठास चीनी से भी ज्यादा। नाम देख कर प्रतीत हो रहा था कि इस आम का नाम शूगर फ्री इसलिए रखा है कि इस आम में शूगर की मात्रा कम होगी और मधुमेह के मरीज इस आम को खा लें तो उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। परंतु आम उत्पादक ने बताया कि नाम पर मत जाओ क्योंकि इसकी मिठास और गुण अन्य आमों की तरह ही हैं। केसरी आम रंग के मामले में अपने आप अनूठा है क्योंकि आम का आधा हिस्सा पीला और आधा हिस्सा केसरिया। अमरूद आम देख कर लग रहा था कि मैंगो मेले में अमरूद क्यों रखा हुआ है परंतु असल में वह अमरूद आम था जिसका स्वाद अमरूद और आम जैसा था। इसके अलावा पत्थर, रसगुल्ला, काला पत्थर, गुलाब जामुन, सूरज, कठपुतली, काला पहाड़, सांवरिया, चार्ली आदि आम अपने नाम व खूबियों के लिए चर्चा में रहे।