चंडीगढ़। मलोया में पुनर्वास योजना के तहत बने फ्लैट्स की चाबी मिलने का सिलसिला शनिवार से शुरू हो गया। सीएचबी ने पहले दिन करीब 256 लोगों को मालिकाना हक देने के लिए बुलाया था। लेकिन पूरे दिन इंतजार कराने के बाद करीब 130 लोगों को ही चाबियां सौंपी। पजेशन देने का प्रोसेस रात 11 बजे तक चलता रहा। सीएचबी के अफसरों ने पहली चाबी शाम 4 बजे लाभार्थी को सौंपी। इससे लोगों ने काफी नाराजगी जाहिर की। लोगों ने हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों पर जानबूझ कर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया।
एस्टेट ऑफिस के अफसरों ने कॉलोनी नंबर चार में सुबह से कैंप लगाकर स्लिप देने का काम शुरू कर दिया। स्लिप देने से पहले संबंधित की झुग्गी का वीडियो बनाकर उसमें निशान लगाया गया। कॉलोनी नंबर चार के लोगों ने बताया कि उन्हें मलोया में चाबी मिलने की जानकारी दी गई थी, लेकिन स्टेट ऑफिस के स्लिप के संबंध में कुछ नहीं बताया गया था। फ्लैट्स की चाबी लेने के लिए लाभार्थी सुबह से ही मलोया पहुंच गए। पहले चाबी लेने की आस लिए लाइन भी लग गई। लेकिन जब मालूम चला कि बिना एस्टेट ऑफिस के स्लिप दिखाए चाबी नहीं मिलेगी तो वह सब वापस कालोनी नंबर चार पहुंचे। बताया गया कि यहां एस्टेट ऑफिस की ओर से कैंप लगाया गया और जिन लाभार्थियों का लिस्ट में नाम है उनको स्लिप देने से पहले झुग्गी की शिनाख्त कर उसकी फोटोग्राफी की और वहां पर निशाना लगाया गया। स्लिप बनाने में काफी समय लगा जिसके कारण से पहली चाबी शाम को ली जा सकी। अब यह प्रक्रिया लिस्ट अनुसार प्रत्येक दिन चलेगी। कौन से ब्लॉक की चाबी कब दी जाएगी इसकी लिस्ट चस्पा की गई है। जो अपने तारीख में फ्लैट की चाबी नहीं ले सकेगा उसका नंबर बाद में ही आएगा।
आननफानन में घरों को छोड़कर जा रहे किरायेदार
शुक्रवार और शनिवार को पूरे दिन कॉलोनी के विभिन्न हिस्सों में पुलिस, महिला कांस्टेबलों के साथ कॉलोनी में चक्कर लगाती रही। इस दौरान कॉलोनी में किराए पर रह रहे लोगों को उन्होंने मकान खाली कर जाने को कहा। वहीं जिन लोगों को सोमवार को मकान मलोया में दिए जाने हैं पुलिस की तरफ से उन लोगों के मकानों पर क्रास का निशान लगाया गया है। साथ ही उन लोगों को कहा गया है कि वह मकान मिलने के 3 दिन बाद अपनी झुग्गी को गिरा दें, नहीं तो उनकी तरफ से कार्यवाही की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से कॉलोनी में किराए पर रह रहे लोगों में अफरातफरी का माहौल है और वह आननफानन में घरों को छोड़कर जा रहे हैं।