जिला उपायुक्तों के साथ कांफ्रेंस करती हुईं मुख्य सचिव विनी महाजन
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पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने पदभार संभालते ही जिलों में उपायुक्तों पर नकेल कस दी है। सीएम के आदेश के बाद उन्होंने सभी डीसी को हिदायतें दी हैं कि कोविड-19 से होने वाली मौतों पर लगाम लगाई जाए। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। मृत्यु दर को रोकने के लिए जो भी संभव हो वे कदम उठाए जाएं, जिससे 2.4 प्रतिशत की मौजूदा मौतों की संख्या को कम किया जा सके। महामारी के बीच हर पंजाबी के जीवन को बचाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नरों को गंभीर रोगियों की विशेष देखभाल करने के साथ-साथ डॉ. केके तलवार की अध्यक्षता वाले प्रांतीय विशेषज्ञ समूह सहित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद लेने का भी निर्देश दिया। रविवार को आयोजित पहली वीडियो कांफ्रेंस की बैठक में घातक बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा करते हुए विनी महाजन ने राज्य में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक डिप्टी कमिश्नर का कर्तव्य है कि वे उचित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करें और साथ ही मृत्यु दर को भी रोकें। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को अधिक से अधिक स्वस्थ हुए रोगियों को उनके घर भेजने के लिए अपनी ओर से पूरा प्रयास करने के लिए भी कहा।
मरीज अगर अपने खर्च पर निजी अस्पताल में जाना चाहें तो भेज दें
मुख्य सचिव ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिया कि अगर कोविड मरीज अपने खर्च पर निजी अस्पतालों में जाना चाहते हैं तो उन्हें जाने दिया जाए। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को जरूरत पड़ने पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अपना स्वयं का भोजन आदि मंगवाने की अनुमति भी देने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार कोरोना जांच क्षमता को प्रति दिन 20 हजार तक बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए हाल ही में चार नई जांच प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है। इनके जल्द ही चालू होने की उम्मीद है। नए उपकरणों के लिए ऑर्डर जुलाई में दिए जा रहे हैं।
पंजाब का हर नागरिक पहने मास्क
मुख्य सचिव ने कहा कि डिप्टी कमिश्नरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंजाब का हर नागरिक मास्क पहने और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करे। विशेष रूप से बंद स्थानों में बड़े समारोहों से बचना बहुत जरूरी है। मास्क को ऐसी स्थितियों में हमेशा पहना जाना चाहिए। मास्क न पहनना, सामाजिक दूरी नहीं रखना या सार्वजनिक स्थान पर थूकना असामाजिक कार्य हैं। हर जिले के लोगों से सतर्क रहने, एहतियाती उपाय करने और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का पालन करने के लिए अपील करना जारी रखें।