महेशपुर गांव में गटर युक्त पेयजल की सप्लाई को भले ही ठीक कर दिया गया है, लेकिन कुछ दिन की इस गड़बड़ी से यहां के लोगों का हाल बेहाल है। दूषित पानी की वजह से यहां बीमारी बढ़ गई है। हुडा टीम ने इस इलाके में सीवरेज लाइन की लीकेज को सीमेंट लगाकर सील कर दी है। पाइप लाइन को रिपेयर कर दिया है। फिर भी सीवरेज का पानी पीने से करीब 50 लोग डायरिया से पीड़ित हो चुके हैं। यहां पर गांव की सीवरेज के गटर को सड़क से एक फुट नीचे दबा दिया गया है। इससे सड़क के बीच गटर का पता नहीं चलता था।
पिछले काफी समय से सीवरेज युक्त पानी की सप्लाई मिल रही थी। जिसे पीने से डायरिया हो गया। इसका सही इंतजाम करवाया जाना चाहिए।
दीपा गांव निवासी
हुडा के कर्मचारियों ने लीकेज ठीक करवा दी है। पानी से बदबू नहीं जा रही है। इस कारण खाना बनाने और पानी पीने के लिए दुकान से खरीदना पड़ रहा है। हुडा प्रशासन को आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
कस्तूरी, गांव निवासी
पिछले सात दिन से घर में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। यहां कई मामले डायरिया के आ चुके हैं। विभाग ने पाइप को ठीक तो कर दिया, लेकिन उनका क्या करें जो लोग बीमार हो चुके हैं।
रामवती, गांव निवासी
पानी के पाइप लाइन पुराने हैं। ऐसा सिर्फ यहीं ही नहीं है बल्कि कई स्थानों पर है। यहां सीवरेज और पेयजल पानी की पाइप लाइन एक साथ थी। हुडा को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसा भविष्य में न हो।
दीपिका, गांव निवासी