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Panchkula News: स्कूल में बनाई मोरनी घूमने की बनाई प्लानिंग, घर से निकले चार दोस्त, पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारी

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। मोरनी घूमने के लिए सातवीं कक्षा के चार बच्चे ट्यूशन पढ़ने के बहाने घर से निकले। ठंड भरी रात में बच्चे जगह-जगह घूमते रहे। इस दौरान बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर परिजन भी रात भर शहर की सड़कों पर उनको खोजते रहे। करीब 18 घंटे पर सुबह करीब नौ बजे सभी बच्चे सेक्टर-5 स्थित विशाल मेगा मार्ट के पास मिले। सूचना मिलने पर पुलिस बच्चों को लेकर मौलीजागरां थाने लेकर पहुंची। पूछताछ के बाद बच्चों को परिजनों के हवाले कर दिया। इससे पहले परिजन पूरी रात शहर के सभी स्पाॅट, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर खोजबीन करते रहे।
जानकारी के अनुसार पंचकूला के एक नामी स्कूल में पढ़ने वाले चारों बच्चों ने स्कूल में ही प्लान बनाया और ट्यूशन पढ़ने के बहाने घर से निकल गए। प्लानिंग के अनुसार दो बच्चे मौलीजागरां से साइकिल से निकले। दूसरी तरफ सेक्टर-12 से इनका एक दोस्त निकला। तीनों सेक्टर-18 में मिले। इसके बाद तीनों दोस्त एक ही साइकिल में सवार होकर सेक्टर-20 पहुंचे। वहां इनको जीरकपुर से निकाला चौथा साथी मिल गया। इसके बाद सभी लोग पुराना पंचकूला होकर चंडीमंदिर बुर्ज कोटिया लाइट पाॅइंट पर पहुंचे। वहां से मोरनी जाने के तैयारी में थे। एक बच्चे के पिता महेंद्र कुमार ने बताया कि चारों बच्चे आपस में दोस्त हैं। सभी एक ही कक्षा में पढ़ते हैं। अंधेरा होने की वजह से वे मोरनी नहीं जा सके।
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एक युवक ने बच्चों को टैक्सी में बैठाया
चंडीमंदिर के पास से एक युवक ने चारों को पंचकूला के लिए टैक्सी में बैठा दिया। टैक्सी वाले ने माजरी चौक के पास उतारा। वहां से बच्चे सीधे सेक्टर-5 विशाल मेगा मार्ट पहुंचे। चारों बच्चों ने पूरी रात वहीं गुजारी। सुबह नौ बजे गार्ड ने परिजनों को काॅल किया। परिजन और मौलीजागरां पुलिस के सिपाही बच्चों को पुलिस स्टेशन लेकर आए। बच्चों से पूछताछ करने के बाद एसएचओ हरिओम शर्मा ने बच्चों को परिजनों को सौंप दिया। एक बच्चे की मां मोनिका गोसाई ने बताया कि कोचिंग पढ़ने के लिए उसका बेटा घर से निकला था।
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वह शाम होने पर घर नहीं आया तो बेचैनी होने लगी। अधिक देर होने पर इसकी जानकारी उसके पिता को दी। रात होने पर भी जानकारी नहीं मिली तो आंसू बहने लगे और पूरी रात रोते गुजारी। पति और परिजनों के साथ पूरी रात शहर के सड़कों पर बेटे को खोजती रही। चंडीगढ़ निवासी पीएलवी भेरू गिरी ने बच्चों के परिजनों के साथ मिलकर चारों बच्चों को खोजने में मदद की। उन्होंने बताया कि मौलीजागरां पुलिस स्टेशन को सूचना देने के साथ ही उनकी टीम और बच्चों के परिजन रातभर खोजबीन करते रहे।
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