संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। जिले के बाढ़ ग्रस्त कई गांवों में पानी का स्तर कम हो रहा है लेकिन खतरा टला नहीं है। इन गांवों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अब भी बहुत से गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। ऐसे में उन गांव में रह रहे लोगों के बीच कई तरह के संक्रमण फैलने की आशंका है। लोगों में चमड़ी संबंधी कई तरह के रोग भी पनप रहे हैं जिसके चलते जिला प्रशासन की ओर से भी लगातार उन इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। डाॅक्टरों की टीमों को बाढ़ ग्रस्त गांवों में नाव, ट्रैक्टर-ट्राॅली आदि के जरिये ले जाया रहा है ताकि लोगों का इलाज हो सके और किसी भी तरह की बड़ी बीमारी के खतरे को टाला जा सके।
सैकड़ों मवेशी मर चुके
विशेषज्ञों के मुताबिक जिन इलाकों में पानी भरा हुआ है अगर वह जल्द ही नहीं निकलता तो वहां मच्छर व मक्खी आदि पनपने शुरू हो जाएंगे। उन क्षेत्रों में डेंगू, मलेरिया, हैजा आदि फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा पानी में बह जाने के कारण सैकड़ों मवेशी भी मर चुके हैं। उनके शवों से भी बीमारियां फैलने का खतरा है।
साझा प्रयास योजना शुरू
डीसी साक्षी साहनी ने बताया कि जिला प्रशासन ने पीड़ितों के लिए साझा प्रयास योजना शुरू की है। इसके तहत प्रभावितों को मदद दी जाएगी। लोगों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन काम करेगा। बाढ़ से जो लोग बेघर हो गए हैं, उन्हें योजना के अंतर्गत दानदाताओं और सामाजिक संगठनों के माध्यम से मदद पहुंचाई जाएगी। जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और जिनके छोटे व्यापार भी बंद हो गए हैं, ऐसे ही परिवारों की सहायता के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। यह योजना छह महीने तक चलेगी।