पंचकूला। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने कहा कि देश के अन्नदाता को दिल्ली बार्डर पर अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए बैठे आज आठ माह पूरे हो गए हैं। केंद्र सरकार की हठधर्मिता और असंवेदनशीलता के कारण ही वह अपने बच्चों के भविष्य के प्रति आशंकित हैं। चंद्रमोहन ने कहा कि किसानों के साथ केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं द्वारा किसानों से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन पर देशद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज करके अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है।
देश में आजादी के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि लोगों की भूख मिटाने वाले किसानों को देशद्रोही बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी अपनी सुविधा के अनुसार ही किसानों के खिलाफ देशद्रोह के मुकदमे दर्ज करती है और वापस भी लेती है। हिसार, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और सिरसा में किसानों पर लाठीचार्ज करने के साथ-साथ उन पर देशद्रोह के मुकदमे भी दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 400 से अधिक किसान अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेताओं की असंवेदनशीलता और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार देखिए कि उनके मुंह से किसानों के प्रति संवेदना का एक शब्द भी नहीं निकला है। चंद्रमोहन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह किसानों की जिंदगी से खेलना बंद करे और अपनी हठधर्मिता को छोड़कर तीनों काले कानूनों को वापस लेकर उदारता का परिचय दें।