पंचकूला। स्टाफ समेत अन्य लोगों को स्वीमिंग पूल में प्रवेश तभी मिलेगा, जब टीका लग चुका होगा। टीका लगे बिना स्वीमिंग पूल में तैराक और स्टाफ को प्रवेश नहीं मिलेगा। उक्त आदेश जिला मजिस्ट्रेट विनय प्रताप सिंह ने जारी किए हैं। ‘महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा’ के अंतर्गत जिले में छह सितंबर 2021 तक मिनी लॉकडाउन रहेगा। जिलाधीश ने कहा है कि पुलिस उपायुक्त पंचकूला, उपमंडल अधिकारी (नागरिक), सिविल सर्जन पंचकूला और सभी घटना कमांडरों का कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन के लिए फाइव फोल्ड स्ट्रेटजी - परीक्षण, ट्रेस, ट्रैक, टीकाकरण और कोविड-19 व्यवहार की रणनीति पर विशेष फोकस होगा।
इसके साथ ही ‘नो मास्क-नो सर्विस’ के सिद्धांत को अब सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्हीं लोगों को पब्लिक और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट में सफर की अनुमति दी जाएगी जो मास्क लगाएंगे। इसी प्रकार सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों से केवल वे ही लोग सेवाएं या सामान प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने मास्क लगाया होगा। सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने सामाजिक दूरी के निशान लगाने होंगे। जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सामाजिक दूरी के सिद्धांत, नियमित सैनिटाइजेशन और कोविड-19 अनुकूल व्यवहार के नियमों की अनुपालना के साथ स्विमिंग पूल खोलने की अनुमति दी गई है। इसके लिए प्रतिभागियों, विजिटर्स और स्टाफ का टीकाकरण होना जरूरी है। इंडोर स्थानों में हॉल की क्षमता के 50 फीसदी लोग हो सकते हैं पर इसकी अधिकतम सीमा 100 है।
खुले स्थानों में अधिकतम 200 लोगों तक इकट्ठा हो सकते हैं। कोविड-19 का व्यवहार व सामाजिक दूरी के नियम की सख्ती से पालन सुनिश्चित करनी होगी। जिलाधीश ने मॉल के साथ होटल, रेस्टोरेंट और बार को सामाजिक दूरी, नियमित सैनिटाइजेशन का पालन कर 50 फीसदी बैठने की क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति दी है। जिम और स्पा को भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। जिले में सिनेमा हॉल, माल्स के भीतर 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे। गोल्फ कोर्स के क्लब हाउसेस, रेस्टोरेंट्स और बार को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी गई है। गोल्फ कोर्स में खेलने के लिए खिलाड़ियों की भीड़ न हो, इसका प्रबंधन करना होगा। इसी प्रकार से सभी दुकानों और शॉपिंग माल को आवश्यक सामाजिक दूरी, नियमित सैनिटाइजेशन और कोविड-19 व्यवहार की शर्तों के साथ खोलने की अनुमति प्रदान की गई है।
नियमों का पालन कर प्रवेश और भर्ती परीक्षाएं होंगे आयोजित
विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों, सरकारी विभागों और अन्य भर्ती एजेंसी जिले में प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं का आयोजन कोरोना की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और केंद्रीय व राज्य द्वारा जारी संशोधित एसओपीज की सख्त पालना सुनिश्चित करने के साथ कर सकेंगे। विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों को विद्यार्थियों की शंकाएं दूर करने के लिए, प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल कक्षाओं, प्रैक्टिकल परीक्षाओं और ऑफलाइन परीक्षाओं के लिए खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। कोविड उचित व्यवहार, सामाजिक दूरी के नियमों और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी हिदायतों का पालन इन परिसरों में करना होगा। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रावास उन छात्रों के लिए खोलने की अनुमति दी गई है, जो परीक्षाएं देंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग को उपरोक्त आदेशों के क्रियान्वयन के निर्देश जारी करने के निर्देश हैं।
धार्मिक स्थलों में एक साथ 50 श्रद्धालु मौजूद रह सकेंगे मौजूद
हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत स्थापित ट्रेनिंग सेंटर को खोलने की अनुमति दी गई है। कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी, प्रशिक्षण संस्थान (सरकारी या निजी) शर्तों के साथ खुल सकेंगे। आईटीआई के विद्यार्थियों की शंकाएं दूर करने के लिए, प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल कक्षाओं, प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। आदेशानुसार एक समय में 50 लोगों के साथ धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी। संपर्क वाले खेलों को छोड़कर खेल परिसर और स्टेडियम आउट डोर खेल प्रतियोगिताओं सहित खेल गतिविधियाें के लिए खुल सकेंगे (दर्शकों को अनुमति नहीं होगी)।
इन गतिविधियों के दौरान सामाजिक दूरी, खेल परिसर का नियमित सेनिटाइजेशन और कोविड उचित व्यवहार का पालन सुनिश्चित करना होगा। इन आदेशों को प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए नगर निगम आयुक्त, जिला नगर आयुक्त सुनिश्चित करेंगे कि नगर पालिकाएं इन आदेशों और निर्देशों का प्रचार-प्रसार करेंगी। सभी घटना कमांडर अपने-अपने इलाकों में इन आदेशों को लागू करने के लिए उत्तरदायी होंगे। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-51 से 60 और आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।