पंचकूला। पांच लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वर्ष-2015 में मुकुल भारद्वाज की हत्या के मामले में पंचकूला की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने दोषी गुरचरण उर्फ मिंटू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भर पाने की स्थिति में दोषी गुरचरण को तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
इस मामले में कुल 25 गवाहों के बयान जिला अदालत में सुनवाई के दौरान दर्ज किए गए। मुकुल की हत्या में चार आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोपी गुरचरण, देविंदर पाल, विक्रम और जीतू को बनाया गया था। इसमें आरोपी देविंदर पाल की केस चलने के दौरान मौत हो चुकी है। विक्रम को सबूतों के अभाव में बरी किया जा चुका है। वहीं आरोपी जीतू को जिला अदालत ने हत्या के मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया है।
इस मामले में हत्या का आरोपी गुरचरण मिंटू सेक्टर-3 स्थित रीजेंसी होटल का मालिक था। स्वर्गीय मुकुल भारद्वाज टाटा डोकोमो के कॉल सेंटर में था। मुकुल भारद्वाज (23 वर्ष) अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वर्ष 2015 में सेक्टर-11 निवासी मुकुल भारद्वाज को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। इसके बाद उसकी गला घाेंटकर हत्या कर दी गई।
यह पांच लाख रुपये के लेनदेन में किया गया। मुकुल की गाड़ी टोयटा इटियोस ताऊ देवीलाल स्टेडियम के पीछे मिली थी। मुकुल का शव पंचकूला के मौली के पास गांव टाबर के नजदीक बहती टांगरी नदी के पास मिली थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में मुख्य आरोपी गुरचरण उर्फ मिंटू था। उसको कोर्ट ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सेशन जज नरिंदर सूरा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
न्याय मिला तो छलके मां के आंसू
मुकुल की मां निर्मल कुमारी ने जब कोर्ट का यह फैसला सुना तो उनके आंसू छलक पड़े। हो भी क्यों न, आखिरकार एक मां से उसका एकमात्र सहारा जो छीना था। निर्मल कुमारी फिलहाल सेक्टर-11 में रहती हैं। उन्होंने कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करती हैं, उनका तो बेटा ही उनका जीवन था। वह चला गया, लगता है जैसे कि जीवन में कुछ नहीं बचा।
जिला अदालत में मौजूद मृतक की मां निर्मल। - फोटो : PKL OFFICE