संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। हिम तेंदुओं के जीवन की रक्षा के संदेश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में ड्राइविंग के शौकीनों के लिए लेपर्ड एक्सीपीडिशन ने जंसकार-लेह ड्राइव अभियान की शुरूआत की। दस दिन तक चलने वाले इस अभियान में 4-डब्ल्यूडी वाहन शामिल हैं। यह ड्राइव जांस्कर-लेह सर्किट में चलेगी जो चंडीगढ़ से मनाली, जांस्कर, लेह, लुब्रा, पनाउगोंग, मनाली होकर वापस आएगी। इस अभियान का नेतृत्व करने वाली टीम में प्रभारी इशान भागरा और सुधीर कुमार, निखिल वर्मा और सिद्धार्थ जिल्था सहित कई लोग शामिल हैं। ईशान भागरा ने कहा कि अद्भुत परिदृश्यों से लोगों का मन मोह लेने वाली यह ड्राइव हिम तेंदुओं की सुरक्षा का संदेश देने के लिए बनाई गई है।
जलवायु परिवर्तन के कारण हिम तेंदुओं के जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस पर सभी को ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में अनुभवी राइडर्स होने के कारण हर किसी की यात्रा खुशी के महान अवसर पैदा करेगी। इससे पहले किश्तवाड़ अभियान सितंबर महीने में शुरू किया गया था, जिसमें जुनूनी ड्राइविंग और साहसिक भावना दिखाई गई थी। इस अभियान में इंडियन ऑयल, एमआर उद्योग आदि सहयोग कर रहे हैं। यात्रा को हरी झंडी दिखाकर इंडियन ऑयल के पंजाब जोन के जनरल मैनेजर गरीश जैन और चीफ मैनेजर अनिल अरोड़ा ने कहा कि एक अच्छे मकसद के लिए इस यात्रा को शुरू करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
पर्वतीय क्षेत्रों के रोमांच को जीवित रखने के लिए हिम तेंदुओं के अस्तित्व को बचाने का प्रयास सराहनीय है। पंजाब के होशियारपुर से विशेष रूप से लेपर्ड एक्सीपीडिशन के काफिले में शामिल महिला कार सवार पृथा सूद उर्फ शेल ने कहा कि वह इसमें शामिल होने के लिए बहुत उत्साहित हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण हिम तेंदुओं के जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर वह काफी चिंतित थी। इस काफिले में शामिल होकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।