पंचकूला। नगर निगमों, परिषदों और पालिकाओं के राजस्व में विज्ञापन से आय बढ़ाने के लिए हरियाणा विधानसभा आगामी बजट सत्र में कानून बनाएगी। इस कानून के बनने से शहरी निकायों को अपने स्तर पर ही विज्ञापनों की दरें तय करने का अधिकार मिल जाएगा। कानून का प्रारूप शहरी निकाय विभाग तैयार करेगा। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सिद्धी नाथ राय और निदेशक अशोक कुमार मीणा ने वीरवार को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के साथ हुई बैठक में यह आश्वासन दिया। यह बैठक पंचकूला शहर में विज्ञापन न मिलने से हो रहे नुकसान की समीक्षा और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बैठक में मेयर कुलभूषण गोयल और हरियाणा शहरी निकाय विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
शहरी सरकार माने जाने वाले शहरी निकायों की अर्थ व्यवस्था में विज्ञापन की बड़ी भूमिका रहती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा के अनेक शहरों में विज्ञापन से होने वाली आमदनी काफी कम रही है। इस पर चिंता जताकर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने हरियाणा शहरी निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में बताया गया कि अनेक शहरों में विज्ञापन की दरें गुरुग्राम के अनुसार तय की गई हैं। इस कारण से यह दरें काफी ज्यादा हो गईं और स्थानीय विज्ञापनदाता इसमें रुचि नहीं लेते, जिसका खामियाजा नगर निगमों और नगर परिषदों को भुगतना पड़ता है।
कानूनी प्रावधान नहीं होने के कारण लोग अनेक स्थानों पर विज्ञापन तो लगा लेते हैं, लेकिन नगर निगमों को उनका हिस्सा नहीं देते। कार्रवाई करने पर ये लोग अदालतों में चले जाते हैं। इस कारण से स्थानीय निकायों के अधिकारी उन पर कार्रवाई करने से बचते हैं। हरियाणा शहरी निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सिद्धी नाथ राय ने बैठक में आश्वासन दिया कि विधानसभा के आगामी सत्र तक विभाग कानून का ऐसा मसौदा तैयार करेगा, जिसके अनुसार नगर निकाय अपनी परिस्थितियों के अनुसार विज्ञापन की दरें निर्धारण और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकेंगे।
जगमग शहर योजना पर हुई विस्तार से चर्चा
बैठक में पंचकूला में ‘जगमग शहर’ योजना लागू करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस योजना के तहत पंचकूला के प्रत्येक लाइट प्वाइंट पर एलईडी लाइट लगाई जाएंगी। इससे नगर निगम पर बिजली बिलों का बोझ कम होगा तथा पूरे शहर को जगमग किया जा सकेगा। प्रत्येक लाइट प्वाइंट की इंटरनेट के माध्यम से सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग होगी। किसी भी सेक्टर या सड़क की एलईडी लाइट बंद होते ही इसकी जानकारी केंद्रीय मॉनिटरिंग यूनिट को मिल जाएगी, जिससे इसे तुरंत ठीक किया जा सकेगा।
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए हरियाणा को चारा जोन में बांटा गया है, पंचकूला पहले जोन में आता है। जगमग शहर योजना की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आरईआईएल को सौंपी गई है। इसके साथ ही अधिकारियों के जानकारी दी कि पंचकूला के गांव जुरिवाला में स्थापित किए जा रहे कचरा निस्तारण यूनिट पर तेजी से काम हो रहा है। इस यूनिट के शुरू होने से पंचकूला शहर का कचरा इकट्ठा करने और उसके निस्तारण का काम शुरू हो जाएगा।