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हरियाणा विधानसभा को 30 दिन में देना होगा 5 साल का लेखा-जोखा, अधिकारियों पर हुई सख्ती

Thu, 30 Jul 2020 03:14 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हरियाणा विधानसभा कमेटियों की सिफारिशों को तवज्जो न देने वाले अफसरों पर सख्त हो गई है। कमेटियों की सिफारिशों और आश्वासनों पर कार्रवाई की प्रगति देखने के लिए विधानसभा अधिकारियों से पांच वर्षों का रिकॉर्ड मंगवाने वाली है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने बुधवार को कमेटी सभापतियों के साथ बैठक कर योजना बना ली।
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अब कमेटी अधिकारी रिपोर्ट के अनुसार पूरा ब्योरा तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजेंगे। उसके 30 दिन के भीतर संबंधित विभागों के अधिकारियों को ब्योरा लेकर विधानसभा में मौजूद होना होगा। कमेटियों की बैठकों में हो रहे कार्य की जानकारी लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने बुधवार को सभी सभापतियों की बैठक बुलाई।

बैठक में उन्होंने कमेटियों की बैठकों में मौजूद न रहने वाले विधायकों की जानकारी भी मांगी। उन्होंने सभापतियों को निर्देश दिए कि अगर कोई विधायक लगातार तीन बैठकों में मौजूद न रहे तो मामला उनके संज्ञान में लाया जाए। सभापति अपने स्तर पर भी ऐसे विधायकों से संपर्क करेंगे। इस दौरान सभापतियों से यह भी पूछा गया कि संबंधित सरकारी विभागों की अधिकारी कमेटी के बुलावे पर बैठकों में पहुंच रहे हैं या नहीं।
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इस पर संतोषजनक जवाब मिला और सभापतियों ने कहा स्थितियों में पहले से काफी सुधार हुआ है। अधिकारी बैठकों में पहुंच रहे हैं और तैयारी करके भी आते हैं। गुप्ता ने कहा कि कमेटियां सदन का आवश्यक अंग हैं। यहां दिए जाने वाले आश्वासनों की प्रगति रिपोर्ट पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए। कमेटियों की ओर से जारी सिफारिशों और निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाना भी विधानसभा की जिम्मेदारी है।
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उन्होंने कहा कि 5 वर्षों में दिए गए आश्वासनों, सिफारिशों और निर्देशों का ब्योरा एकत्रित किया जाए तथा उस पर प्रगति रिपोर्ट मंगवाई जाए। उन्होंने बैठक में कमेटी अफसरों को निर्देश दिए कि वे इस बारे में तुरंत प्रभाव से काम शुरू कर दें। कमेटी अफसर जो ब्योरा एकत्रित करेंगे उसे सरकार के संबंधित विभागों के पास भेजा जाएगा। अधिकारियों को इस पर प्रगति रिपोर्ट देने के लिए 30 दिन मिलेंगे। सुझाव आया है कि एक विशेष बैठक कार्य प्रगति रिपोर्ट (एटीआर) पर ही हो।

बैठक में उपस्थित सार्वजनिक उपक्रम समिति के सभापति असीम गोयल ने कहा कि इस विषय में उनकी कमेटी ने काम शुरू कर दिया है। इस मौके पर लोक लेखा समिति के सभापति हरविन्द्र कल्याण, पूर्वानुमान समिति के सभापति सुभाष सुधा, याचिका समिति के सभापति घनश्याम दास अरोड़ा, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा विषय समिति की सभापति सीमा त्रिखा, अधीनस्थ कानून समिति के सभापति राम निवास और सभी कमेटियों के अधिकारी मौजूद रहे।

कमेटियां बनेंगी अधिक प्रभावशाली, लोकसभा को भेजेंगे सिफारिश
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि विस कमेटियों की कार्यप्रणाली को और प्रभावशाली बनाने की आवश्यकता है। इसी दौरान विधानसभा के नियमों में संशोधन का विषय भी उठा। इस पर गुप्ता ने कहा कि इस पर अध्ययन किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने विधान सभा सचिवालय में कार्यरत उप सचिव पुरुषोत्तम दत्त, अवर सचिव विष्णु देव, अवर सचिव कंवर सिंह की जिम्मेदारी लगाई।

ये अधिकारी कमेटियों में शामिल विधायकों के सुझाव लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह टीम दूसरी विधान सभाओं के नियमों का भी अध्ययन करेगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट लोकसभा सचिवालय को भेजी जाएगी। बता दें कि देश भर की विधान सभाओं में संसद द्वारा निर्धारित नियमों का ही पालन किया जाता है।
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