पंचकूला। लघु सचिवालय सेक्टर-1 के सभागार में बुधवार को उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की। उपायुक्त ने बैठक में पुलिस अधिकारियों को जिले में दर्ज चिन्हित अपराधों की जांच में तेजी लाने के साथ गहनता के साथ जांच कर दोषियों को जल्द कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए। जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कहा।
उपायुक्त मोनिका गोयल ने कहा कि जिन संगीन आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके हैं, ऐसे मामलों में न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाए, जिससे आपराधिक प्रवृति के लोगों में जल्द सजा मिलने का कड़ा संदेश जाए और वे इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों से दूर रहें।
डीसीपी ने उपायुक्त को दी आपराधिक मामलों की जानकारी
इस बैठक में मौजूद डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने उपायुक्त को संगीन आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी दी। जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध, पासपोर्ट एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। डीसीपी ने कहा कि गांवों, काॅलोनियों और सेक्टरों को मिलाकर करीब 450 थानों पर डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया है। इसमें लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया है। इस दौरान नशे की दलदल में पाए गए करीब 1500 लोगों की काउंसलिंग करवाकर उनका उपचार भी करवाया गया है।
स्कूल-काॅलेजों में छात्रों को जागरूक करें
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों, काॅलेजों ओर अन्य शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता शिविर लगाकर युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करें। आज के बच्चे हमारा कल का भविष्य हैं, उन्हें अपराधों और नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूक करना बहुत जरूरी है। नशे को रोकने के लिए शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक या सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, एसडीएम चंद्रकांत कटारिया, नगराधीश विश्वनाथ, सीएमओ मुक्ता कुमार, जिला अटाॅर्नी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।