पंचकूला। दशहरा ग्राउंड सेक्टर-5 में आयोजित जोनल लेवल पीएमईजीपी प्रदर्शनी इस बार उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। 30 जनवरी से शुरू हुआ यह मेला 8 फरवरी तक प्रस्तावित था, जिसे जन-प्रतिक्रिया के आधार पर दो दिन बढ़ाकर 10 फरवरी तक कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद खरीदारों की आमद न के बराबर रही। करीब 40 लाख रुपये के बजट से लगे इस मेले में करीब 91 स्टॉल लगाए गए हैं, मगर मैदान में सन्नाटा पसरा हुआ है। मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से आए कारीगर और उद्यमी खादी, ग्रामोद्योग उत्पाद, हस्तशिल्प, रेडीमेड कपड़े, फूड आइटम और घरेलू उपयोग की वस्तुएं लेकर पहुंचे हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे लाखों रुपये का माल लेकर आए हैं, लेकिन बिक्री सैकड़ों रुपये में सिमटकर रह गई है। कई स्टाल संचालकों ने बताया कि पूरे दिन में मुश्किल से कुछ ही ग्राहक पहुंचते हैं, जिससे स्टाफ और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
प्रचार की कमी बनी बड़ी बाधा
मेले में स्टाल लगाने वाले उद्यमियों ने एक सुर में कहा कि सबसे बड़ी कमी प्रचार की रही। शहर के अधिकांश लोगों को यह तक पता नहीं है कि सेक्टर-5 में खादी मेला लगा हुआ है। न तो पर्याप्त होर्डिंग्स दिखे और न ही सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर ऐसा प्रचार हुआ, जिससे आम लोग आकर्षित हो सकें। दुकानदारों का कहना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, लेकिन वहां भी भीड़ नहीं जुट पाई।
मेले में स्टॉल संचालकों रईस अहमद, अरूण कुमार, सुरेद्रव सुरेंद्र मोहन सहित अन्य काफी दुकानदारों ने बताया हम दूसरे राज्यों से आए हैं। रहने, आने-जाने और माल ढुलाई पर अच्छा-खासा खर्च हुआ है। अगर ऐसे ही हाल रहे तो घाटा तय है।
मेले की अवधि दो दिन बढ़ाई गई
आयोजकों का कहना है कि मेले की तैयारी पूरी की गई थी और प्रचार-प्रसार भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद खरीदार नहीं पहुंचे। उनका दावा है कि स्थानीय स्तर पर सूचना दी गई थी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जोड़ने की कोशिश की गई। जन-प्रतिक्रिया को देखते हुए ही मेले की अवधि दो दिन बढ़ाई गई है, ताकि दुकानदारों को कुछ राहत मिल सके।