कालका। सब डिपो कालका की बसें वर्कशॉप के एक ही मैकेनिक के सहारे चल रही हैं। ऐसे में यदि कोई बस खराब हो जाए तो उसे ठीक करने के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि पूरी वर्कशॉप में केवल एक ही मैकेनिक है, वह भी एक महीने से छुट्टियों पर है जिसके चलते कई बसें मेंटेनेंस के अभाव में बस स्टैंड पर ही खड़ी है। जो बसें मार्ग पर चल रही हैं, वह भी राम भरोसे चल रही है। कालका बस स्टैंड के अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। सब डिपो कालका में कुल 51 बसें हैं। वहीं ड्राइवरों की संख्या 44 और 62 कंडक्टर कार्यरत है। स्टाफ की कमी होने के चलते रोजाना बस स्टैंड से करीब 37 बसों का संचालन होता है जिसमें कुछ बसें लॉन्ग रूट तथा कुछ लोकल व विद्यार्थियों को स्कूल तक छोड़ने व लाने का काम करती हैं। इनमें वीरवार को 25 बसें डिटेन होने की वजह से केवल 26 बसें ही रूट पर दौड़ती नजर आई। ऐसे में यात्रियों को बसों का खामी होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह रूट हो रहे प्रभावित
वीरवार को कालका बस स्टैंड से केवल 26 बसों का संचालन होने के चलते लॉन्ग व लोकल दोनों रूट प्रभावित रहे। जानकारी अनुसार वीरवार को दिल्ली के करीब 4, शिमला के 2, जींद के 1 सहित चंडीगढ़,पंचकूला के कई रूट प्रभावित रहे।
छह मैकेनिक की आवश्यकता
सब डिपो कालका की वर्कशॉप पर एक मैकेनिक और 4 सहायक हैं। जबकि यहां पर कम से कम छह मैकेनिक की आवश्यकता है। ऐसे में कई बार ड्राइवर व चालक भी बसों की रिपेयर के समय मदद करते हुए देखे जा सकते हैं। वहीं सब डिपो से बताया गया कि वर्कशॉप में जो एक मैकेनिक है वह भी पिछले करीब 1 माह से अवकाश पर गया हुआ है जिसके चलते अधिकांश बसें रिपेयर के लिए बस स्टैंड पर खड़ी हुई हैं।